सतना जिला अस्पताल का ब्लड बैंक गंभीर संकट से गुजर रहा है। एचआईवी कांड के बाद रक्तदान लगभग थम गया है, जिससे निगेटिव और रेयर ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म होने की कगार पर है।
सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में निगेटिव ब्लड ग्रुप पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। ओ पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव के सीमित यूनिट बचे हैं। एचआईवी कांड के बाद रक्तदान में आई कमी से थैलीसीमिया, सिकिल सेल, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की जान पर संकट गहरा गया है।
बंगलूरू में आधुनिक तरीके से ब्लड की जांच की गई लेकिन महिला का ब्लड सभी टेस्ट सैंपल्स के साथ मेल नहीं खा रहा था। परिवार के 20 लोगों के सैंपल भी लिए गए, लेकिन किसी का ब्लड महिला के ब्लड सैंपल से मैच नहीं हुआ।















