दमोह शहर के तहसील मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार से दमोह के मीसाबंदी संतोष भारती ने सम्मान लेने से मना कर दिया और वह वापस चले गए। मंत्री के साथ मौजूद कलेक्टर ने भी भारती को काफी मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल की 50वीं बरसी पर मीसाबंदियों के संघर्ष को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के समान बताया। उन्होंने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य देशभक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र सुरक्षित है।














