रीवा के कुसमैदा घाट पर टमस नदी में अवैध रेत उत्खनन से पर्यावरण और जलस्तर पर संकट गहराया है। ग्रामीणों ने नवागत कलेक्टर से निष्पक्ष जांच, सख्त कार्रवाई और नदी संरक्षण की मांग की है।
रीवा के टीकर जंगल के नीचे मौजूद बाक्साइड भंडार पर दो कंपनियों की नजर है। खनन के लिए वन भूमि आवंटन की फाइलें रीवा से भोपाल तक पहुंच चुकी हैं। यदि खदानों की स्वीकृति मिलती है तो 150 एकड़ जंगल और करीब 20 हजार पेड़ नष्ट होंगे। यह इलाका बाघ और तेंदुओं का कॉरीडोर भी है, जिससे जैव विविधता और वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।














