उर्दू अदब के बेताज बादशाह डॉ. बशीर बद्र ने शायरी को मुश्किल लफ़्ज़ों से आज़ाद कर 'आम-फ़हम' ज़ुबान दी। जानिए मुशायरों की जान बशीर बद्र साहब का यह हसीन सफर।
उर्दू शायरी को गमजदा करने वाली खबर आई है। मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र ने गुरुवार दोपहर भोपाल में फानी दुनिया को अलविदा कह दिया। वे 91 साल के थे और लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी थी और वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे।














