सरभंगा जंगल में करंट लगने से बाघ की कथित मौत के दो महीने पुराने मामले का खुलासा हुआ। वन विभाग ने अवशेष बरामद कर वैज्ञानिक जांच शुरू की, जबकि आरोपियों और संभावित मिलीभगत की जांच तेज कर दी है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां और चित्रकूट वन परिक्षेत्र में 30 से अधिक बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई है, लेकिन वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम अब तक नाकाफी रहे हैं। इंटरनेशनल टाइगर डे पर बाघों के संरक्षण की सिर्फ बातें होती हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत डरावनी है — आए दिन बाघ हादसों का शिकार बन रहे हैं। क्या मझगवां को टाइगर रिज़र्व घोषित किया जाना चाहिए?
मझगवां-चित्रकूट के 55 सौ किमी क्षेत्र को रिजर्व फारेस्ट बनाने की तैयारी, वृक्षारोपण और संरक्षण का प्लान















