अयोध्या में रामनवमी पर आज यानी शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया। नौ मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह दूसरा सूर्य तिलक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने टीवी पर इसे लाइव देखा। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया।
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है। पूरा देश माता रानी के जयकारों और भक्ति के रंग में सराबोर है। पहले दिन भक्तों का सैलाब मंदिरों में उमड़ पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई है।
हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर दिन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति और उज्जैन की गौरवशाली परंपरा को याद किया।
प्रधानमंत्री ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद उज्जैन में श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है। प्रदेश की पावन धरा पर 900 करोड़ रुपए की लागत से 20 लोकों का निर्माण किया जा रहा है।
हालिया शोध में यह दावा किया गया है कि पुरी श्रीमंदिर के प्रथम निर्माता राजा नहीं, बल्कि पल्ल नामक एक शिल्पी थे। यह जानकारी प्राचीन शिलालेखों और अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर सामने आई है, जिसने अब तक प्रचलित ऐतिहासिक धारणाओं को नई दृष्टि दी है।

















