मौसम विभाग ने दावा किया है कि एक सप्ताह के अंदर मानसून मध्यप्रदेश पहुंच जाएगा। तेलंगाना के भद्राचलम में मानसून एक सप्ताह से अटका हुआ है। इस वजह से मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में यह लेट हो गया है।
देश के नौ राज्यों में प्री मानसून सक्रिय हो गया है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की कई जगहों पर आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत चार जिलों में बारिश हुई। आंधी के बाद पेड़ और बिजली के तार टूट गए।
फिरोजाबाद में RSS प्रमुख मोहन भागवत की शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव की खबर। पत्थर सीधे उनके E-1 कोच की खिड़की पर लगा। मोहन भागवत सुरक्षित हैं, टूंडला जंक्शन पर सुरक्षा बढ़ाई गई और सर्च ऑपरेशन जारी है।
मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच दस्तक दे सकता है। IMD ने आज 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं 10-11 जून को 5 जिलों में लू (Heatwave) चलने की चेतावनी दी है। जानें अपने शहर के मौसम का हाल।
मध्य प्रदेश में मानसून की आमद अभी भले ही न हुई हो, लेकिन प्री मानसून में जमकर बारिश हो रही। झाबुआ में आज तेज बारिश हुई। धार, पीथमपुर और रतलाम में भी पानी गिरा। देवास में बारिश की वजह से एक कार रपटे में बह गई। राहत की बात यह है कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
भोपाल में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चली आंधी और बारिश से 200 जगह पेड़ गिरे। जानें मध्य प्रदेश में मानसून कब आएगा और मौसम विभाग का नया अलर्ट।
केरल में 4 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। IMD ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए इस साल अल नीनो के कारण बारिश कैसी रहेगी।
देशभर में आंधी-बारिश से पारा नीचे आ गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून 4 जून को केरलम के तट पर पहुंच जाएगा।
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी-लू की बजाय आंधी-बारिश और ओले गिर रहे हैं। नौतपा के छठें दिन 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। इधर, राजधानी भोपाल के कुछ इलाकों में रविवार सुबह बूंदाबांदी हुई। बीती रात 12:30 बजे से तड़के 3 बजे तक तेज हवाएं चलीं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 2026 के मानसून के लिए अपना दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इस साल पूरे देश में मानसून की बारिश लंबी अवधि के औसत की केवल 90 फीदसी ही रहने की संभावना है, जो नीचे सामान्य श्रेणी में आती है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई।






















