अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ (IEEPA) को गैरकानूनी घोषित किया। सरकार को लौटाने पड़ सकते हैं 175 अरब डॉलर। ट्रम्प ने देशों को दी चेतावनी।

वाशिंगटन। स्टार समाचार वेब
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति को न्यायपालिका से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन टैरिफ को 'गैरकानूनी' करार दिए जाने के बाद, अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने भारतीय समयानुसार मंगलवार सुबह 10:30 बजे से वसूली बंद कर दी है।
कोर्ट का फैसला और वित्तीय प्रभाव
कमाई की वापसी: अर्थशास्त्रियों (पेन व्हार्टन बजट मॉडल) के अनुसार, इस फैसले के बाद अमेरिकी सरकार को आयातकों से वसूले गए लगभग 175 अरब डॉलर (15.75 लाख करोड़ रुपए) वापस करने पड़ सकते हैं।
दैनिक नुकसान: रॉयटर्स के मुताबिक, इन टैरिफ के जरिए अमेरिका प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर (4,500 करोड़ रुपए) कमा रहा था, जो अब बंद हो जाएगा।
कौन से टैरिफ रद्द हुए: यह आदेश केवल 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू है। 'सेक्शन 232' और 'सेक्शन 301' के तहत सुरक्षा कारणों से लगाए गए टैरिफ जारी रहेंगे।
अमेरिका के साथ गेम न खेलें: ट्रम्प
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। ट्रम्प ने कहा कि ट्रेड डील के नाम पर जो देश अमेरिका के साथ 'खेल' खेलेंगे, उन पर और ऊंचे टैरिफ लगाए जाएंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को 'मूर्खतापूर्ण' बताते हुए कहा कि वह अब कुछ समय तक 'Supreme Court' को स्मॉल लेटर में लिखेंगे क्योंकि उन्हें इस फैसले के प्रति कोई सम्मान नहीं रहा। ट्रम्प ने दावा किया कि कोर्ट ने अनजाने में उनकी ताकत और बढ़ा दी है। अब वह अन्य कानूनों और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के जरिए देशों के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाएंगे।
भारत सहित कई देशों पर बढ़ेगा बोझ
मंगलवार से भारत समेत कई देशों पर 15% ग्लोबल टैरिफ लागू होना शुरू हो गया है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देश इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनकी ट्रेड डील 10% बेसलाइन टैरिफ पर हुई थी। ट्रम्प प्रशासन ने इस अतिरिक्त 5% के बोझ पर फिलहाल कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
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