UIDAI ने आधार कार्ड को डिजिटल तरीके से मैनेज करने के लिए 'Aadhaar' नामक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। पुराने mAadhaar से अलग, यह 5 आधार प्रोफाइल स्टोर करने, फेस स्कैन शेयरिंग और ऑफ़लाइन एक्सेस जैसी सुविधाएँ देता है। जानें नए ऐप के फायदे और सेट-अप प्रोसेस।

नई दिल्ली. स्टार समाचार वेब.
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार कार्ड को फोन पर सुरक्षित और डिजिटल रूप से प्रबंधित करने के लिए एक नया मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है, जिसका नाम 'Aadhaar' है। यह ऐप अब एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
यह नया ऐप पुराने m-Aadhaar ऐप से कई मायनों में अलग और बेहतर है। इसका लक्ष्य आधार वेरिफिकेशन को UPI पेमेंट जितना सरल और तेज बनाना है। अब आप अपना आधार हमेशा अपने स्मार्टफोन में सुरक्षित रूप से कैरी कर सकते हैं, जिससे कागजी कॉपी की जरूरत खत्म हो जाएगी।
नया 'Aadhaar' ऐप डिजिटल इंडिया के तहत आधार सेवाओं को अगले स्तर पर ले जाता है:
मल्टी-प्रोफाइल सपोर्ट: एक ही फोन में परिवार के अधिकतम 5 आधार प्रोफाइल को स्टोर और मैनेज किया जा सकता है।
फेस स्कैन शेयरिंग: आईडी साझा करने के लिए पिन या ओटीपी के बजाय फेस स्कैन का उपयोग किया जाएगा, जो गोपनीयता और सुरक्षा के मामले में बेहतर है।
सिक्योरिटी: ऐप बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या 6-अंकीय पिन के माध्यम से सुरक्षित लॉगिन प्रदान करता है।
मल्टी-लैंग्वेज: यह हिंदी और इंग्लिश समेत कई स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है।
ऑफलाइन एक्सेस: इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने पर भी आप अपना ई-आधार देख सकते हैं।
पुराना m-Aadhaar ऐप मुख्य रूप से विवरण जांचने, डिजिटल आधार डाउनलोड करने और PVC कार्ड मंगवाने पर केंद्रित था। इसके विपरीत, नया Aadhaar ऐप गोपनीयता-प्रथम (Privacy-First) दृष्टिकोण पर काम करता है।
नया ऐप यूजर्स को अपनी जानकारी को सुरक्षित रखते हुए, सिर्फ आवश्यक डेटा को ही सिलेक्टिव डिस्क्लोजर के माध्यम से शेयर करने की अनुमति देता है। इससे KYC (Know Your Customer) और अन्य वेरिफिकेशन प्रक्रियाएं तेज और सुरक्षित होंगी।
| सुविधा | नया Aadhaar ऐप | पुराना mAadhaar ऐप |
| मुख्य उद्देश्य | सुरक्षित डेटा शेयरिंग, मल्टी-प्रोफाइल मैनेजमेंट | विवरण जांचना, डाउनलोड, PVC कार्ड |
| वेरिफिकेशन | फेस स्कैन शेयरिंग, UPI जैसा आसान | मुख्य रूप से OTP आधारित |
| डेटा शेयरिंग | प्राइवेसी-फर्स्ट, सिलेक्टिव डिस्क्लोजर | सीमित विकल्प |
ध्यान दें: PDF डाउनलोड या PVC कार्ड ऑर्डर जैसी सेवाओं के लिए UIDAI पोर्टल या पुराने mAadhaar का उपयोग करना अभी भी बेहतर विकल्प हो सकता है।
नए ऐप में अपनी डिजिटल आधार प्रोफाइल सेट करना सरल है:
गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर 'Aadhaar' सर्च कर ऐप इंस्टॉल करें।
इंस्टॉलेशन के बाद अपना 12-अंकीय आधार नंबर दर्ज करें।
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सिम ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
फेस ऑथेंटिकेशन या लाइव सेल्फी मैच की प्रक्रिया पूरी करें।
भविष्य के एक्सेस के लिए एक 6-अंक का पिन सेट और कंफर्म करें।
अब आपका डिजिटल आधार कार्ड ऐप में दिखाई देगा।
परिवार के बाकी 4 सदस्यों के प्रोफाइल जोड़ने के लिए इसी प्रक्रिया को दोहराएं।
तेज KYC: होटल चेक-इन, सिम एक्टिवेशन या बैंक KYC जैसी प्रक्रियाएँ अब अत्यधिक तेज हो जाएंगी।
आसान परिवार प्रबंधन: एक ही फोन पर 5 सदस्यों के विवरण प्रबंधित करने से फैमिली मैनेजमेंट आसान हो जाता है।
सुरक्षित डेटा: सिलेक्टिव शेयरिंग सुविधा सुनिश्चित करती है कि आपका पूरा व्यक्तिगत डेटा एक्सपोज न हो।
भारत में 2009 में शुरू हुए आधार के पास आज 1.3 अरब से अधिक उपयोगकर्ता हैं। UIDAI का यह कदम डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को और मजबूत करता है, जिसका उद्देश्य हर सरकारी और निजी सेवा को ऑनलाइन और पूरी तरह से डिजिटल बनाना है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केरलम के मलप्पुरम जिले के वंडूर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने जा रहे थरूर के वाहन को अज्ञात हमलावरों ने न केवल रोका, बल्कि उनके सुरक्षाकर्मी और चालक के साथ मारपीट भी की।
महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका में देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। एक मारुति एल-6 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित पानी से भरे कुएं में जा गिरी, जिसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे।
भारतीय नौसेना की शक्ति में बड़ा इजाफा। परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट INS तारागिरी बेड़े में शामिल। जानें इनकी मारक क्षमता, ब्रह्मोस मिसाइल और रणनीतिक महत्व के बारे में।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में कांग्रेस पर घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। जानें कैसे भाजपा ने राज्य की सीमाओं को सुरक्षित किया और काजीरंगा को मुक्त कराया।
केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए संसद के विशेष सत्र पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। जानें महिला आरक्षण संशोधन और लोकसभा की 816 सीटों के प्रस्ताव पर क्यों छिड़ा है सियासी विवाद।
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण ईरान के नियंत्रण में आए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की मांग भारत ने मजबूती से रखी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ब्रिटेन द्वारा आयोजित एक बहुपक्षीय बैठक में कहा कि भारत इस संघर्ष में जलमार्ग पर अपने नागरिकों को खोने वाला एकमात्र देश है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला सामने आया है। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुक्का प्रांत में गुरुवार को भूकंप के भीषण झटके महसूस किए गए। यूएसजीसी के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है। भूकंप का केंद्र टेरनाटे क्षेत्र के पास उत्तरी मोलुक्का सागर में था। जमीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे, जिससे झटके अधिक विनाशकारी महसूस हुए।
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने अगले कुछ वर्षों में चांद पर एक स्थायी बेस स्थापित करने की योजना रखी है। बीते हफ्ते ही एजेंसी ने अगले एक दशक के चांद से जुड़े मिशन्स का रोड मैप सामने रखा था।
कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर एक विशेष उड़ान से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से विमान सेवाओं में आए व्यवधान के चलते इन शवों को भारत लाने में काफी देरी हुई।