उज्जैन महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर! महाकाल लोक (Mahakal Lok) में रुद्रसागर पर होने वाले लेजर, लाइट एंड साउंड शो पर अब ₹100 का एंट्री शुल्क लगा दिया गया है। भस्म आरती, संध्या आरती और शीघ्र दर्शन के बाद अब इस शो के लिए भी जेब ढीली करनी होगी।

उज्जैन । स्टार समाचार वेब
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दर्शन के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक निराश करने वाली खबर है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने एक नया फैसला लेते हुए 'महाकाल लोक' में होने वाले भव्य लेजर, लाइट एंड साउंड शो के लिए प्रवेश शुल्क लागू कर दिया है। अब तक पूरी तरह निःशुल्क चल रहे इस शो को देखने के लिए अब श्रद्धालुओं को 100 रुपये प्रति व्यक्ति का टिकट लेना होगा।
इस नए बदलाव के बाद महाकाल मंदिर में विभिन्न दर्शन व्यवस्थाओं और आरतियों के लिए ली जाने वाली फीस का दायरा और बढ़ गया है, जिससे यहां आने वाले भक्तों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा 18 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत से इस अत्याधुनिक शो को तैयार किया गया है।
वर्तमान स्थिति: इस शो को देखने के लिए प्रतिदिन औसतन 500 श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिन्हें अब 100 रुपये का टिकट लेकर प्रवेश दिया जा रहा है।
खर्च का प्रबंधन: रुद्रसागर पर आधारित इस वाटर स्क्रीन फाउंटेन शो को संचालित करने के लिए प्रति माह लगभग ₹1.5 लाख का खर्च आ रहा था। मंदिर समिति के अनुसार, इसी परिचालन व्यय (ऑपरेशनल कॉस्ट) को निकालने के लिए यह शुल्क निर्धारित किया गया है।
शो की खासियत: 25 मिनट के इस भव्य शो में आधुनिक तकनीक के जरिए भगवान श्री महाकालेश्वर की महिमा, मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का इतिहास और अवंतिका नगरी (उज्जैन) की गौरवगाथा को बेहद आकर्षक अंदाज में प्रदर्शित किया जाता है।
दीपावली 2025 के पावन अवसर पर उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वाटर स्क्रीन फाउंटेन, लेजर और लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की गई थी। 25 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक में इसका भव्य शुभारंभ किया था। शुरुआत से लेकर पिछले करीब 5 महीनों तक श्रद्धालुओं को यह शो पूरी तरह निःशुल्क दिखाया जा रहा था, लेकिन अब इसके व्यावसायिक संचालन के तहत टिकट अनिवार्य कर दिया गया है।
गौरतलब है कि मंदिर प्रबंधन द्वारा पिछले कुछ समय में कई निःशुल्क सेवाओं पर शुल्क लगाया जा चुका है। पूर्व में भस्म आरती के लिए केवल प्रोटोकॉल व्यवस्था के तहत ही शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब सामान्य भस्म आरती के अलावा संध्या आरती और शयन आरती में भी प्रवेश शुल्क लागू है।
अब यदि कोई श्रद्धालु महाकाल मंदिर आता है, तो उसे विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए इस प्रकार शुल्क चुकाना होगा:
| दर्शन / आरती / शो का प्रकार | निर्धारित शुल्क (प्रति व्यक्ति) |
| सुबह की भस्म आरती | ₹200 |
| शीघ्र दर्शन (VIP एंट्री) | ₹250 |
| संध्या आरती | ₹250 |
| शयन आरती | ₹250 |
| महाकाल लोक लाइट एंड साउंड शो | ₹100 |
प्रबंधन के इस नए फैसले से आम और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले उन श्रद्धालुओं में थोड़ी निराशा है, जो महाकाल लोक के इस भव्य शो का सपरिवार आनंद उठाना चाहते थे।

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