भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

कारोबार के दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा
रुपया डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 95.50 पर आया
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। कारोबार के दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 95.50 पर आ गया। दरअसल, शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले बुरी तरह फिसलकर ओपन हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स देखते ही देखते 800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था। इस दौरान आईटी शेयर, जो बीते कारोबारी दिन गदर मचाए हुए थे, भरभराकर क्रैश हो गए. इनमें टीसीएस से लेकर इंफोसिस तक शामिल हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 8801 | 13 | 0.15% |
| निक्केई (जापान) | 68452 | 1718 | 2.57% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25604 | -434 | -1.56% |
सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम
शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार पर नजर डालें, तो पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार धड़ाम हो गया। बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,649.84 के स्तर से बुरी तरह फिसलकर 74,507 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 890 अंकों की गिरावट लेकर 73,759 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया।
निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी
एनएसई निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही रही। ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,483 के लेवल से फिसलकर 23,415 पर खुला और फिर देखते ही देखते ये इंडेक्स भी 200 अंकों से ज्यादा फिसलकर अचानक 23,244 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया।
अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 51308 | 229 | 0.45% |
| नैस्डैक | 27094 | 7 | 0.03% |
| S&P 500 | 7610 | 10 | 0.13% |
IT शेयर देखते ही देखते क्रैश
शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी कंपनियों के शेयर देखते ही देखते क्रैश हो गए। BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल TCS Share (6.20%), Tech Mahindra Share (4.30%), Infosys Share (3.20%), HCL Tech Share (3%) तक बिखरकर कारोबार कर रहे थे। वहीं मिडकैप कंपनियों में नजर डालें, तो Persistent Share (5%), Mphasis Share (3%), Coforge Share (2.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे। खास बात ये है कि बीते कारोबारी दिन इन शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली थी, जिस पर अचानक से ब्रेक लग गया।
विदेशी निवेशकों ने 8 हजार करोड़ के शेयर बेचे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | 9,589 | 31,463 | 92,603 |
| FII/FPI | -8,363 | -33,381 | -71,074 |
गिरावट का ये बड़ा कारण
शेयर बाजार में बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी में अचानक मचे कोहराम के पीछे के कारणों पर नजर डालें, तो इसके पीछे अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता सबसे अहम है। इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल नजर आ रही है। ये बीते कुछ दिन टूटने के बाद अब फिर से छलांग लगाती हुई नजर आ रही हैं, खबर लिखे जाने तक Crude Oil Price 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली से भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में बना हुआ है।


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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स और निफ्टी टूटे, फार्मा शेयरों का बुरा हाल।
भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई मापने का तरीका बदलने जा रहा है। सरकार पांच वर्षों में WPI को हटाकर उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) लागू करेगी। जानिए इसके मुख्य घटक और व्यापार पर असर।
घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत हल्के दबाव के साथ हुई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को मिला। हालांकि, पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस जियो और 4,500 कंपनियों पर लगे प्रतिस्पर्धा-विरोधी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साक्ष्यों के अभाव में आयोग ने इसे एक बड़ा राहत भरा फैसला माना है।
एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
आज अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित नरमी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बैंक और वित्तीय शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों ने सकारात्मक रुझान दिखाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।