जर्मनी पर 3-1 की शानदार जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप अभियान को पांचवें स्थान पर खत्म किया। कागज पर यह भले ही सिर्फ एक क्लासिफिकेशन मैच की जीत और पांचवां स्थान नजर आए, लेकिन भारतीय हॉकी के नजरिए से इसका महत्व इससे कहीं बड़ा है।

11 नए चेहरों के साथ उतरी बेटियों ने केवल एक मैच गंवाया
1974 के बाद भारतीय महिला हॉकी का सबसे अच्छा प्रदर्शन
भारत की ऐतिहासिक जीत और देश का दिल जीतने वाला सफर
एम्स्टेलवीन। स्टार समाचार वेब
जर्मनी पर 3-1 की शानदार जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप अभियान को पांचवें स्थान पर खत्म किया। कागज पर यह भले ही सिर्फ एक क्लासिफिकेशन मैच की जीत और पांचवां स्थान नजर आए, लेकिन भारतीय हॉकी के नजरिए से इसका महत्व इससे कहीं बड़ा है। 1974 के उद्घाटन विश्व कप में चौथे स्थान के बाद यह भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। यानी 52 साल बाद भारतीय महिला टीम फिर विश्व कप के शीर्ष पांच में पहुंची है। इस उपलब्धि को सिर्फ पांचवें स्थान के आंकड़े से नहीं आंका जाना चाहिए। मौजूदा भारतीय टीम में 11 खिलाड़ी विश्व कप में पहली बार उतरी थीं। इसके बावजूद टीम ने पूरे टूनार्मेंट में केवल एक मुकाबला गंवाया। वह भी मेजबान और ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 से। यह आंकड़ा बताता है कि भारत की चुनौती महज एक अच्छे दिन की कहानी नहीं थी।
दिखाया आक्रामक और साहसी खेल
भारत ने अभियान की शुरुआत ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 से रोककर की और इसके बाद दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ और आस्ट्रेलिया के साथ दूसरे चरण के आखिरी मैच में गोलरहित बराबरी ने भले ही भारत को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया, लेकिन इन मुकाबलों में टीम की प्रतिस्पर्धात्मकता लगातार दिखाई दी। यही इस अभियान का सबसे सकारात्मक पहलू रहा।
आखिरी 17 मिनट में बदला मैच का पासा
जर्मनी के खिलाफ पांचवें स्थान के मुकाबले में 43 मिनट तक दोनों टीमें गोल के लिए संघर्ष करती रहीं। मुकाबला धीमा था और किसी टीम को स्पष्ट बढ़त नहीं मिल रही थी, लेकिन इसके बाद भारत ने अचानक मैच की दिशा बदल दी। ईशिका ने शानदार रिवर्स हिट से भारत का खाता खोला। इसके ाबद नवनीत कौर ने टच एंड स्लैप तकनीक से पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। नवनीत ने बेहतरीन ड्रिब्लिंग करते हुए जर्मन डिफेंस को छकाकर भारत की जीत पक्की कर दी।
मजबूत डिफेंस और गोलकीपर की दीवार
जर्मनी ने मैच के दौरान छह पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचू देवी और डिफेंस ने उन्हें गोल में बदलने नहीं दिया। यह भी इस अभियान की एक बड़ी तस्वीर है। भारत ने सिर्फ आक्रमण में नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में भी रक्षात्मक अनुशासन दिखाया।
अभ्यास हार का बदला मैदान पर लिया
इस जीत का एक और पहलू इसे खास बनाता है। टूर्नामेंट से पहले इसी जर्मन टीम ने भारत को दो अभ्यास मैचों में हराया था, लेकिन विश्व कप के असली मंच पर कहानी उलट गई। यह बदलाव बताता है कि भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के दौरान सिर्फ मैच नहीं खेले, बल्कि उनसे सीखा भी। दबाव बढ़ने के साथ टीम का प्रदर्शन बेहतर हुआ। कोच शोर्ड मारिन के लिए भी यह अभियान विशेष रहा। टोक्यो ओलंपिक में भारत को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले मारिन ने अंतिम हूटर के बाद जिस तरह खुशी मनाई, उससे साफ था कि टीम के लिए यह पांचवां स्थान सामान्य उपलब्धि नहीं है।
असली परीक्षा: एशियाई गेम्स में पदक की उम्मीदें
फिर भी इस प्रदर्शन को अंतिम मंजिल मानना जल्दबाजी होगी। अगले महीने एशियाई खेल हैं और वहां भारत से अपेक्षाएं स्वाभाविक रूप से बढ़ेंगी। विश्व कप में पांचवां स्थान भारत को आत्मविश्वास जरूर देगा, लेकिन अब चुनौती इस प्रदर्शन को निरंतरता में बदलने की है। खासकर तब, जब टीम में 11 विश्व कप डेब्यूटेंट हैं। इन खिलाड़ियों के अनुभव में एक बड़ा टूर्नामेंट जुड़ चुका है और अब सवाल यह है कि क्या भारत इस अनुभव को पदक में बदल पाएगा। विश्व कप ने भारत को एक परिणाम दिया है, लेकिन उससे ज्यादा एक संकेत दिया है। यह टीम अभी तैयार हो रही है और उसकी कहानी शायद पांचवें स्थान पर खत्म होने वाली नहीं है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में धमाकेदार जीत दर्ज की है। क्राइस्टचर्च में खेले गए रोमांचक मैच में टीम इंडिया ने 226 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर अपने टी20 इतिहास का सबसे सफल रन चेज किया। संजू सैमसन और नमन धीर रहे जीत के हीरो।
भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर जापान के नागोया में होटल हाउसकीपिंग स्टाफ के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। जानिए पूरी घटना, डिपोर्टेशन और उनके करियर से जुड़ी खास बातें।
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 में टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस मुकाबले के लिए मयंक यादव और नीतीश रेड्डी को प्लेइंग-11 में मौका मिला है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर मौका नहीं दिया गया है।
भारत ने जापान के नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में 15वां गोल्ड जीत लिया है। गुरुवार को गेम्स के चौथे दिन सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो में सोना जीता। स्वाति ने तीरंदाजी की ह1 कैटेगरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस गोल्ड के सहारे भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।
वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिलने पर भारतीय टी-20 कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान सामने आया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज से पहले क्राइस्टचर्च में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अय्यर ने कहा कि वैभव अभी बहुत युवा हैं और उन्हें अपनी बारी के लिए धैर्य रखना चाहिए।
एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। प्रतियोगिता के दौरान बुधवार का दिन भारत के लिए बेहद सफल रहा, जहां खिलाड़ियों ने एक के बाद एक कई पदक अपने नाम किए।
नागोया पैरा एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर T20 दौड़ में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। जानें भारत के अन्य विजेताओं और प्रदर्शन के बारे में विस्तार से।
भारत के न्यूजीलैंड दौरा 2026 के लिए वनडे, T20 और टेस्ट टीम की घोषणा हो गई है। ईशान किशन को वनडे में उपकप्तानी मिली है जबकि यशस्वी और जडेजा बाहर हैं। जानिए पूरा मैच शेड्यूल और स्क्वॉड।
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में नाबाद 400 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। जानिए इस रिकॉर्ड पारी और बाबासाहेब निंबालकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से जुड़ी पूरी जानकारी।
BCCI ने पुरुष चयन समिति का पुनर्गठन किया है। पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा को नया चीफ सिलेक्टर बनाया गया है, जबकि रमेश पोवार ने अजित अगरकर की जगह ली है।