आईपीएल में मुंबई इंडियंस (MI) की लगातार खराब फॉर्म और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हाथों मिली करारी शिकस्त ने कप्तान हार्दिक पांड्या को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

स्पोर्ट्स डेस्क। स्टार समाचार वेब
आईपीएल में मुंबई इंडियंस (MI) की लगातार खराब फॉर्म और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हाथों मिली करारी शिकस्त ने कप्तान हार्दिक पांड्या को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हार्दिक की कप्तानी और मैच के दौरान उनके फैसलों की कड़ी आलोचना की है। अश्विन का मानना है कि वानखेड़े स्टेडियम में चेन्नई के खिलाफ मिली 103 रनों की हार पूरी तरह से खराब रणनीति का परिणाम थी।
अश्विन के अनुसार, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का हार्दिक का निर्णय समझ से परे था। उन्होंने तर्क दिया कि वानखेड़े की पिच खेल आगे बढ़ने के साथ धीमी और चिपचिपी हो जाती है, जिससे दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। चेन्नई जैसी संतुलित टीम को पहले बल्लेबाजी का न्यौता देना मुंबई के लिए आत्मघाती साबित हुआ। गौरतलब है कि इससे पहले आरसीबी के खिलाफ भी मुंबई को इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था।
मैच के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ यानी आखिरी ओवर में हार्दिक के फैसले पर भी सवाल उठे हैं। अश्विन ने कहा कि जब मैच फंस रहा था, तब हार्दिक ने खुद जिम्मेदारी लेने के बजाय युवा गेंदबाज कृष भाट को अंतिम ओवर थमा दिया। उस ओवर में 16 रन बने, जिसने मुंबई की मैच में वापसी की रही-सही उम्मीदें भी खत्म कर दीं। अश्विन का मानना है कि एक अनुभवी खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते हार्दिक को वह ओवर खुद फेंकना चाहिए था।
चेन्नई ने बोर्ड पर 208 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में मुंबई की स्टार-स्टडेड बल्लेबाजी महज 104 रनों पर ढेर हो गई। अश्विन ने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि इस मैच में हार की मुख्य वजह बल्लेबाजों का पूरी तरह फ्लॉप होना रहा।
अश्विन ने पांड्या की मानसिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने संकेत दिया कि रोहित शर्मा जैसे सफल कप्तान की जगह लेने के बाद, फैंस की नाराजगी और कप्तानी का अतिरिक्त बोझ हार्दिक के खेल को प्रभावित कर रहा है। मैदान पर लिए जा रहे उनके 'अजीब' फैसले शायद इसी दबाव का नतीजा हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ़्टर लवप्रीत सिंह ने 110+ किग्रा भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता। जानिए उनके संघर्ष, रिकॉर्ड और अब तक के सफर की पूरी कहानी।
जब किस्मत और मेहनत साथ हो तो फिर बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही भारत की डिस्कस थ्रोअर महिला खिलाड़ी सीमा कालीरमन के साथ हुआ है। सीमा ने ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सीमा ने 58.65 मीटर का अपना बेस्ट थ्रो फेंका और मेडल जीता।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी को नारंगी करने पर विवाद। विरेन रास्किन्हा और प्रियंका गांधी ने जताई नाराजगी, जबकि हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने किया बचाव।
भारत के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। वह अब इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेलते नहीं दिखाई देंगे।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में 122 भारतीय एथलीट मेडल जीतने के इरादे से उतरे हैं। भारत 8 सामान्य खेलों में पदक की चुनौती पेश कर रहा है। इतना ही नहीं, भारतीय खिलाड़ी 5 पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा तैराकी, पैरा ट्रैक साइकिलिंग और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।
बीसीसीआई ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया है। इंदौर के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टीम में चुना गया है। जानिए उनके संघर्ष और करियर से जुड़ी पूरी कहानी।
भारत की शर्मिला धनकड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के पैरा शॉट पुट एफ 57 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर यह उपलब्धि हासिल की। यह मौजूदा खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इसी इवेंट में भारत की शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
वहीं सारांश जैन को भी पहली बार टेस्ट टीम में मौका मिला है। मध्य प्रदेश से आने वाले इस आलराउंडर ने लगातार प्रभावित किया है। उनको सुंदर की जगह टीम में जगह मिली है। सारांश आफ स्पिनर हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं।
भारत के श्रीलंका दौरे से पहले चोटिल खिलाड़ियों के कारण टीम की मुश्किलें बढ़ीं। जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर और नितीश रेड्डी की फिटनेस पर क्या है अपडेट, जानें पूरी जानकारी।