ओले और बारिश का दौर थमने के बाद मध्य प्रदेश में सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। आज यानी गुरुवार को सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरा छाया रहा। कई जिलों में सुबह 10 बजे तक धूप नहीं निकली थी। भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और विजिबिलिटी कम रही।
By: Arvind Mishra
Jan 29, 202612:16 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
ओले और बारिश का दौर थमने के बाद मध्य प्रदेश में सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। आज यानी गुरुवार को सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरा छाया रहा। कई जिलों में सुबह 10 बजे तक धूप नहीं निकली थी। भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और विजिबिलिटी कम रही। राजधानी भोपाल में सुबह वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। वहीं मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कहीं गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई तो कहीं चना, प्याज और सब्जियों को भारी क्षति हुई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पटवारी और कृषि अमले को सर्वे के निर्देश दिए हैं।
उज्जैन-रतलाम में गेहूं की फसल आड़ी
उज्जैन जिले की खाचरौद-नागदा, महिदपुर और तराना तहसीलों में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल गिरने से दाने भराव पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह आंजना ने बताया कि कई गांवों में फसलें पूरी तरह झुक गई हैं। कृषि विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया जा रहा है। रतलाम जिले में मावठे की बारिश से गेहूं, अफीम और चना की फसल को आंशिक क्षति पहुंची है।
खंडवा-खरगोन में चने की फसल बर्बाद
खंडवा जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। पुनासा ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों में चना आकार के ओले गिरने से गेहूं और चना की फसल प्रभावित हुई है। गेहूं में 20 से 25 प्रतिशत और चना में फूल झड़ने से 50 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। खरगोन जिले के भीकनगांव, कसरावद, महेश्वर, बड़वाह और सनावद क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कई गांवों में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। किसानों का दावा है कि 40 प्रतिशत तक फसल खराब हुई है।
शाजापुर-देवास में ओलावृष्टि
शाजापुर जिले में फूलखेड़ी, टुकराना, मोरटा और आसपास के गांवों में बेर और नींबू के आकार के ओले गिरने से गेहूं, प्याज और अन्य रबी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार, कई जगह 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। देवास जिले के हाटपीपल्या, करनावद और बागली क्षेत्रों में भी सैकड़ों किसानों की फसलें खराब होने की सूचना है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम
30 जनवरी- प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरा छा सकता है। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन-रात में ठंड का असर बढ़ सकता है।
31 जनवरी- ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में भी कोहरा छा सकता है।
1 फरवरी- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, सागर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर और रीवा में भी कोहरा छा सकता है।