मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में अवैध उत्खनन पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुरम-बोल्डर के अवैध खनन के दोषियों पर 54 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से चंबल अंचल में हड़कंप मच गया है।
By: Arvind Mishra
Jan 09, 20261:43 PM
शिवपुरी। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में अवैध उत्खनन पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुरम-बोल्डर के अवैध खनन के दोषियों पर 54 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से चंबल अंचल में हड़कंप मच गया है। क्योंकि यह पूरा मामला राजनीतिक रसूख से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल, करैरा इलाके में स्थित चंगेज पहाड़िया पर बीते दो साल से चल रहा अवैध खनन का खेल अब सामने आ गया है। यहां करैरा के भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल और उनके दो भाई भावेश गोयल व राजेश गोयल मिलकर पहाड़ी से मुरम और बोल्डर का अवैध उत्खनन कर रहे थे। इस दौरान पूरी पहाड़ी को लगभग खोद डाला गया। जब मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा, तब जाकर प्रशासन ने कार्रवाई की।
तीन भाइयों पर कसा शिकंजा

अवैध खनन का मामला उजागर होने के बाद शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तीनों भाइयों पर 54 करोड़ 58 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन, नियम 2022 के तहत की गई है। इससे जिलेभर में हड़कंप मच गया है।
एक माह का दिया समय
कलेक्टर के अपने आदेश में साफ कहा है कि यदि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं की गई तो आगे और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी राशि आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर खनिज खाता 0853 में जमा करनी होगी।
पर्यावरणीय मुआवजा
कलेक्टर के मुताबिक, नियमों के तहत पहले रॉयल्टी का 15 गुना जुर्माना और पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया। इसके बाद कुल 27 करोड़ 29 लाख की राशि को नियम अनुसार दोगुना कर 54 करोड़ 58 लाख रुपए कर दिया गया।
एसडीएम करेंगे जांच
कलेक्टर ने करैरा एसडीएम अनुराग निंगवाल को निर्देश दिए हैं कि संबंधित भूमि की मौके पर जाकर जांच की जाए। अगर वहां अवैध कॉलोनी या छोटे भूखंडों की खरीद-फरोख्त पाई जाती है, तो मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 339-ग के तहत केस बनाकर 15 दिन में रिपोर्ट दी जाए।