वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एमपी ट्रांसको ने कैलेंडर 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
By: Arvind Mishra
Jan 01, 20262:00 PM
ड्रोन पेट्रोलिंग का 400 व 132 केवी लाइनों तक विस्तार
विस्तारीकरण और विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया
भोपाल। स्टार समाचार वेब
वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एमपी ट्रांसको ने कैलेंडर 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 केवी और 132 केवी के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं।
ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एमवीए
मध्यप्रदेश में इस वर्ष एमपी ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एमवीए क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की, जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एमवीए की हो गई है। इस वर्ष 33 नए पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊजीर्कृत किए गए, जिससे एमपी ट्रांसको के ऊजीर्कृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढ़कर 1036 हो गई है।
ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण
इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट किमी की हो गई है, जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊजीर्कृत किया गया।
19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल
एमपी ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई।
ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी
एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 केवी सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है।
पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड
दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल
भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है, प्रदेश में 42857 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णत: डिजीटल हो रहा है।