रीवा में एनएसयूआई के भाजपा कार्यालय घेराव के दौरान हंगामा हुआ। पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बैरीकेट तोड़ने की कोशिश पर कई कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए।
By: Yogesh Patel
Mar 17, 202610:05 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
शहर में सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने भाजपा कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने बैरीकेटिंग कर सभी को रोक दिया। इस दौरान पुलिस व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरीकेट्स तोड़ने का प्रयास किया। ऐसे में पुलिस को आंशू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भीड़ को तितर-बितर करने के लिये वाटर कैनन चलानी पड़ी। इस दौरान दर्जन भर से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
विभिन्न मुद्दों को लेकर एनएसयूआई ने सोमवार को भाजपा कार्यालय का घेराव करने का आह्वन किया था। इसी सिलसिले में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता बैजू धर्मशाला में एकत्रित हुये और वहां से रैली के माध्यम से भाजपा कार्यालय ढेकहा की ओर कूच किये। लेकिन पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को राजपूत गन फैक्ट्री के पास ही बैरीकेटिंग कर रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरीकेट्स तोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। लिहाजा पुलिस के साथ जमकर झूमाझटकी हुई। कार्यकर्ताओं की भीड़ को तितर-बितर करने के लिये पुलिस को आंशू गैस के गोले दागने पड़े। इससे भी बात नहीं बनी तो वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश शांत हो गया। वह थक गये। इसके बाद पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत दर्जन भर से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी की गई। बाद में मुचलका भरवा कर छोड़ दिया गया।
भारी संख्या में तैनात रहा पुलिस बल
एनएसयूआई के प्रदर्शन की जानकारी पुलिस व प्रशासन को पहले से ही थी। ऐसे में पुलिस ने उन्हें रोकने का पूरा इंतेजाम कर रखा था। राजपूत गन फैक्ट्री ढेकहा के पास बैरीकेट्स लगाये गये थे। मौके पर दो फायर ब्रिगेड को भी तैनात किया गया था। इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सीएसपी कोतवाली राजीव पाठक, सीएसपी रितु उपाध्याय समेत शहर के तमाम थाना प्रभारी अपने बल के साथ मौजूद थे। जिसकी वजह से एनएसयूआई के कार्यकर्ता आगे नहीं बढ़ पाये।
ट्रैफिक किया गया डायवर्ट
एनएसयूआई के प्रदर्शन को देखते हुये ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया था। जय स्तभं से ट्रैफिक को बड़ी पुल की ओर मोड़ दिया गया था। जबकि रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की ओर जाने वाले ट्रैफिक को एजी कॉलेज चौराहा से डायवर्ट किया गया था। जय स्तंभ से राजपूत गन फैक्ट्री तक के मार्ग को खाली रखा गया था। यहां पर केवल पुलिस तैनात थी।
इन मुद्दों को लेकर किया प्रदर्शन
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान में भाजपा की सरकार शिक्षण संस्थानों को राजनीति का आखाड़ा बना दिया है। यहां पर छात्रों को यूजीसी के माध्यम से दो गुटों में बांटने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा सरकार के इशारे पर शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को जबरिया भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल होने का दबाव बनाया जाता है। यह पूरी तरह से गलत है। केंद्र सरकार की अमेरिका से हुई ट्रेड डील पूरी तरह से किसान विरोधी है। उक्त तमाम मुद्दों को लेकर ही आज भाजपा कार्यालय का घेराव किया जाना था। लेकिन पुलिस ने बल पूर्वक छात्रों के आंदोलन को कुचल दिया है।