मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने PWD में आरोपी अधिकारी को चीफ इंजीनियर का प्रभार देने पर रोक लगाई। जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने प्रमुख सचिव को निष्कलंक अधिकारी की नियुक्ति करने के सख्त निर्देश दिए।

जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में नियमों की अनदेखी कर एक आरोपी अधिकारी को 'चीफ इंजीनियर' का प्रभार दिए जाने को पूरी तरह गलत करार दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जिस अधिकारी पर 2.41 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन और पुल ढहने जैसे गंभीर आरोप हों, उसे उसी जांच प्रक्रिया की निगरानी करने का अधिकार देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। अदालत ने इस स्थिति को 'सरासर गलत' बताया है।
हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भोपाल ब्रिज जोन के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से किसी ऐसे योग्य अधिकारी को सौंपें, जिसका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह 'निष्कलंक' (बेदाग) हो और जो पदोन्नति की पात्रता रखता हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था का अर्थ नियमों की धज्जियां उड़ाना नहीं है।
याचिकाकर्ता पीसी वर्मा ने अपनी याचिका में बताया कि नियमों को ताक पर रखकर एक ऐसे व्यक्ति को प्रभार सौंपा गया, जिस पर पहले से ही पुल गिरने और 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण में करोड़ों रुपये के गबन के गंभीर आरोप हैं। याचिका में यह भी उजागर किया गया कि डिजिटल नोटिस जारी होने के मात्र 3 घंटे के भीतर प्रभार बदल दिया गया। अदालत ने प्रमुख सचिव द्वारा इस मामले में लापरवाही से जवाब पेश करने पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रशासनिक औचित्य के सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित में अस्थायी व्यवस्था कर सकती है, लेकिन इसका उपयोग कानूनी शर्तों से बचने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि सुपरिटेंडिंग इंजीनियर जैसे वरिष्ठ पदों को दरकिनार कर जूनियर अधिकारियों को ऊंचे और संवेदनशील पद का चार्ज देने से विभाग का अनुशासन बिगड़ता है और योग्य वरिष्ठ अधिकारियों में निराशा पैदा होती है। अंत में, कोर्ट ने प्रमुख सचिव को चेतावनी दी कि वे इन निर्देशों को गंभीरता से लें और भविष्य में केवल बेदाग अधिकारियों को ही उच्च पद का प्रभार सौंपा जाए।
इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में 150 साल पुराने मंदिर के ट्रस्टी कैलाश मोदी की चौकीदार ने डंडे से हत्या कर दी। नशे में विवाद के बाद आरोपी ने गुरुद्वारे के अंदर ले जाकर बुजुर्ग की जान ली।
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रीवा में आवारा और आदमखोर कुत्तों के बढ़ते आतंक के बीच कोष्टा में शेल्टर होम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम डीपीआर तैयार कर रहा है। यहां 200 से 300 कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी।
रीवा के एक होटल में रेंजर और उनकी कथित महिला मित्र को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। महिला आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
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सतना में नीट परीक्षा और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन मुद्दे को लेकर युवक कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और हल्के बल प्रयोग से प्रदर्शनकारियों को रोका। झड़प में युवक कांग्रेस अध्यक्ष घायल हो गए।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने PWD में आरोपी अधिकारी को चीफ इंजीनियर का प्रभार देने पर रोक लगाई। जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने प्रमुख सचिव को निष्कलंक अधिकारी की नियुक्ति करने के सख्त निर्देश दिए।
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