भारत में नए वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार आयकर अधिनियम, 1961 की जगह नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू कर रही है। नया आयकर अधिनियम पारदर्शिता और डिजिटल अनुपालन पर क्रेंद्रित होगा।
By: Arvind Mishra
Mar 27, 202611:15 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारत में नए वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार आयकर अधिनियम, 1961 की जगह नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू कर रही है। नया आयकर अधिनियम पारदर्शिता और डिजिटल अनुपालन पर क्रेंद्रित होगा। हालांकि, जनता के टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन रिपोर्टिंग, वेरिफिकेशन और फाइलिंग का तरीका बदल जाएगा। यह नया नियम आपकी टेक-होम सैलरी और निवेश के खुलासे को सीधे प्रभावित करेगा। नया टैक्स सिस्टम लागू हो जाने के बाद टैक्सपेयर्स को अपने निवेश और खर्च का सही रिकॉर्ड रखना होगा। कहां कितना पैसा खर्च हुआ, सब साफ-साफ दिखाना होगा। नए नियमों के तहत अब आप टैक्स-फ्री इनकम भी कमाते हैं, तो उससे जुड़े खर्च को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
फॉर्म- 16 की जगह फॉर्म-130
एक अप्रैल से नया इनकम टैक्स नियम लागू होने जा रहा है। इसमें आपके इनकम टैक्स का स्लैब नहीं बदलेगा। नए नियम के तहत आईटीआर फॉर्म्स को रीडिजाइन किया जाएगा। फॉर्म- 16 को फॉर्म 130 से बदला जाएगा और आईटीआर फाइलिंग पहले से ज्यादा आॅटोमेटेड कर दी जाएगी। यह फॉर्म 16 की तरह ही टीडीएस सर्टिफिकेट के तौर पर काम करेगा। इसमें कर्मचारियों को उनकी सैलरी से कितना टैक्स कटा और कौन-कौन से डिडक्शन के तहत उनको छूट मिली, इसकी पूरी डिटेल होगी।
अब पहले से आसान प्रक्रिया
सबसे खास बात यह है कि नए इनकम टैक्स निमय में आईटीआर फाइल करना पहले से अधिक आसान होगा। टैक्सपेयर की कमाई, टैक्स डिडक्शन, मिलने वाली छूट से जुड़ी जानकारियां आटोमैटिकली फॉर्म में अपलोड हो जाएंगे। इससे टैक्सपेयर्स को आईटीआर भरने में पहले से अधिक आसानी होगी और गलतियों की गुंजाइश भी कम रहेगी।
मील कार्ड पर छूट
वेतन भोगी कर्मचारी जिन्हें सोडेक्सो, प्लक्सी और जैगल जैसे भोजन कूपन, वाउचर या कार्ड मिलते हैं, उन्हें नए नियम के तहत काफी अधिक कर छूट प्राप्त होने की संभावना है। क्योंकि, नए नियम के तहत नियोक्ता द्वारा प्रदान किए जाने वाले भोजन पर छूट की सीमा 50 रुपए प्रति भोजन से बढ़ाकर 200 रुपए प्रति भोजन कर दी गई है। यह लाभ पुरानी और नई दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत उपलब्ध है।
एचआरए छूट का दायरा
नए नियमों में मकान किराया भत्ता (एचआरए) के दावों के ढांचे को बरकरार रखा गया है और उसका विस्तार भी किया गया है। उच्चतर एचआरए छूट श्रेणी, पहले केवल मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई पर लागू थी, उसे अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद तक बढ़ा दी गई है। अन्य सभी शहर 40 प्रतिशत एचआरए के दायरे में ही रहेंगे। हालांकि, एचआरए का दावा करते वक्त मकान मालिक की पहचान खुलासा करना अनिवार्य हो जाएगा।
पैन कार्ड से जुड़े नियम
एक अप्रैल से होने वाले अन्य बड़े बदलावों में पैन कार्ड से जुड़ा बदलाव भी शामिल है। नए नियमों के तहत अब पैन कार्ड से जुड़े आवेदनों के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा, आवेदकों को अन्य डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे। इसके अलावा कार की खरीद/बिक्री और अन्य उच्च मूल्य के खर्चों सहित अधिक लेन-देन में पैन की आवश्यकता होगी।