पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर को इस्लामाबाद के एच-8 कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया है। शाहिब जनाजे में खेल जगत और राजनीति जगत से जुड़े लोग भी मौजूद थे।

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड के करीबियों प्रार्थना करते दिखा
आतंकियों के संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ीं चिंताएं
इस्लामाबाद। स्टार समाचार वेब
पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैबा के राजनीतिक विंग के शीर्ष नेताओं और मुंबई हमले (26/11) के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबियों को कतार में खड़े होकर प्रार्थना करते देखा गया। दरअसल, शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर को इस्लामाबाद के एच-8 कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया है। शाहिब जनाजे में खेल जगत और राजनीति जगत से जुड़े लोग भी मौजूद थे।
मुस्लिम लीग ने जारी किया वीडियो
पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो ने पाकिस्तान में आतंकियों को मिलने वाले खुले संरक्षण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं कि पाकिस्तान में आतंकवादियों को किस तरह सुरक्षित पनाहगाह मिल रही है।
जनाजे में कौन-कौन हुआ शामिल
पीएमएमएल के इस्लामाबाद प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह अंतिम संस्कार से सामने आई तस्वीरों में मौजूद था। इसके अलावा, पीएमएमएल के उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, पीएमएमएल के क्षेत्रीय महासचिव हाफिज उमर, खिदमत समिति के अध्यक्ष अमजद भट्टी और अन्य लोग मौजूद थे। वीडियो में उन्हें कतार में खड़े होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए दिखाया गया। पीएमएमएल पार्टी आतंकी हाफिज सईद के समर्थन से बनी पार्टी मानी जाती है।
शोएब ने आलोचना का नहीं दिया जवाब
अपने परिवार में आई इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए शोएब ने एक पोस्ट में कहा, मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे प्यारे बड़े भाई शाहिद अख्तर अल्लाह सुभान व तआला के पास लौट गए हैं। नमाज-ए-जनाजा का समय और स्थान सुबह सूचित किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने अपने भाई के अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैबा के प्रतिनिधियों की उपस्थिति को लेकर हो रही हालिया आलोचना का जवाब नहीं दिया है।


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