राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। संघ समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालता रहा है। कुछ वर्ष पहले जब संघ ने अपनी पारंपरिक ड्रेस में बदलाव किया था, तब भी यह चर्चा का विषय बना था।

संघ समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालता रहा है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। संघ समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालता रहा है। कुछ वर्ष पहले जब संघ ने अपनी पारंपरिक ड्रेस में बदलाव किया था, तब भी यह चर्चा का विषय बना था। अब शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ की आंतरिक संरचना में व्यापक परिवर्तन प्रस्तावित है, जिसे संगठन के भविष्य के विस्तार और कार्यकुशलता से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, आरएसएस अब अपने काम और विचारों को आम जनता के बीच जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए संगठन की प्रशासनिक व संचालन संरचना में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसके लिए मौजूदा प्रांतीय व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर हर प्रदेश में सिर्फ एक राज्य प्रचारक नियुक्त करने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। साथ ही प्रदेश और विभाग के बीच में नई संभागीय व्यवस्था बनाने की भी तैयारी है। मार्च में हरियाणा के समालखा में होने वाली आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा।
अब राज्य टोली बनेगी
मध्यप्रदेश में तीन प्रांत मालवा, मध्यभारत और महाकोशल प्रांत की संरचना समाप्त हो जाएगी। प्रांतीय कार्यकारिणी व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी। इनके स्थान पर मप्र राज्य प्रचारक होंगे। प्रदेश स्तर पर कार्यकारिणी के बजाय राज्य टोली बनेगी। इसमें प्रदेश प्रचारक के साथ ही प्रदेश संघ संचालक और प्रदेश कार्यवाह भी हो सकते हैं। मप्र में 6 से 8 संभाग बनाए जाएंगे। जो सरकारी प्रशासनिक संभागों की तरह ही होंगे।
प्रचारक के साथ रहेगी कार्यकारिणी
बताया जाता है कि कुछ छोटे संभागों को भौगोलिक नजदीकी के आधार पर पड़ोस के संभाग के साथ रखा जाएगा। संभाग में एक प्रचारक के साथ पूरी कार्यकारिणी रहेगी, जिसमें 40 तक पदाधिकारी संभव हैं। मप्र में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, खंडवा, नर्मदापुरम संभागीय व्यवस्था के केंद्र रहेंगे। जो जिम्मेदारी अभी प्रांत प्रचारकों की है, उस भूमिका में संभागीय प्रचारक आ जाएंगे।
मार्च में निर्णय...अमल 1 साल बाद
नई संरचना को लेकर निर्णय मार्च में हो जाएगा। इसकी आधिकारिक घोषणा वर्ष प्रतिपदा पर की जाएगी। लेकिन इसे अमल में अगले वर्ष से लाया जाएगा। क्योंकि वर्ष 2027 संघ में निर्वाचन वर्ष है। अगले साल संघ के विभाग स्तर से अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारियों का निर्वाचन होगा।
दो मंडलों का बनेगा एक संभाग
संभाग प्रचारकों का कार्यक्षेत्र प्रांत प्रचारकों की तुलना में छोटा होगा, जिससे संगठनात्मक कामकाज अधिक प्रभावी और जमीनी स्तर पर सशक्त हो सकेगा। इसके साथ ही हर राज्य में एक राज्य प्रचारक की व्यवस्था की जाएगी, जो पूरे राज्य में संघ के काम का समन्वय करेंगे। संघ की नई संरचना में लगभग दो सरकारी मंडलों को मिलाकर एक संभाग बनाया जाएगा। देशभर में संघ के 11 क्षेत्र प्रचारक हैं, जो नई संरचना लागू होने के बाद घटकर 9 रह जाएंगे। वहीं, पूरे देश में लगभग 75 संभाग प्रचारक होंगे। यह बदलाव संघ की बढ़ती गतिविधियों और कार्य विस्तार को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अलावा संघ की बैठकों की संरचना में भी बदलाव प्रस्तावित है। मार्च में होने वाली संघ की सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा अब हर साल नहीं होगी। नए निर्णय के अनुसार यह बैठक हर तीन साल में नागपुर में आयोजित की जाएगी।
दीपावली में होती रहेगी बैठक
मार्च में होने वाली संघ की सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा अब हर साल नहीं होगी। नए निर्णय के अनुसार यह बैठक हर तीन साल में नागपुर में आयोजित की जाएगी। हालांकि दीपावली के आसपास होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक हर वर्ष की तरह जारी रहेगी। संघ की इस नई रचना पर पिछले 5-6 वर्षों से मंथन चल रहा था। लंबे विचार-विमर्श के बाद अब इन बदलावों पर सहमति बनती दिख रही है। मार्च 2026 में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है और वर्ष 2027 से संघ में ये बदलाव जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगेंगे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।