चुनाव आयोग ने बीएलओ का वेतन 6000 से बढ़ाकर 12000 रुपए सालाना कर दिया है। यही नहीं आयोग ने जारी बयान में कहा है कि पिछला ऐसा बदलाव 2015 में किया गया था। पहली बार इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर्स और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर्स को भी मानदेय दिया जाएगा।
By: Arvind Mishra
Nov 30, 202510:51 AM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
चुनाव आयोग ने बीएलओ का वेतन 6000 से बढ़ाकर 12000 रुपए सालाना कर दिया है। यही नहीं आयोग ने जारी बयान में कहा है कि पिछला ऐसा बदलाव 2015 में किया गया था। पहली बार इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर्स और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर्स को भी मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा वोटर रोल तैयार करने और उनमें बदलाव करने वाले बीएलओ सुपरवाइजर की सैलरी भी 12000 से बढ़ाकर 18000 रुपए कर दी गई है। जिस सरकारी कर्मचारी को बीएलओ का काम दिया गया है उसे यह पैसा उसकी सैलरी के अलावा अलग से दिया जाता है।12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया में 5.32 लाख बीएलओ काम कर रहे हैं। हर बीएलाअे के पास 956 वोटर के लिस्ट रिवीजन का काम है।
एमपी सहित 12 राज्यों में हो रहा सत्यापन
चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के सत्यापन का दूसरा चरण चल रहा है, जिसकी फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। एसआईआर का पहला चरण सितंबर में बिहार में असेंबली इलेक्शन से पहले पूरा हो गया था। दूसरे चरण में अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
एसआईआर के लिए खास इंसेंटिव भी मिलेगा
आयोग ने कहा- प्योर इलेक्टोरल रोल डेमोक्रेसी की नींव हैं। इलेक्टोरल रोल मशीनरी, जिसमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर, असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ शामिल हैं। ये सभी बहुत मेहनत करते हैं और बिना किसी भेदभाव के और ट्रांसपेरेंट इलेक्टोरल रोल तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए आयोग ने सभी बीएलओ की सालाना सैलरी दोगुनी करने और इलेक्टोरल रोल तैयार करने और उनमें बदलाव करने वाले बीएलओ सुपरवाइजर की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है।