देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अक्सर रेलवे ट्रैक पर पड़ी लकड़ी, पत्थर सहित अन्य वस्तुओं से हादसों की आशंका बनी रहती है। इस पर लगाम लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे मित्र बनाए जा रहे हैं। ये ट्रैक पर कोई वस्तु पड़े होने की जानकारी रेलवे और जीआरपी को देंगे।
By: Arvind Mishra
Jan 22, 202610:18 AM
कानपुर। स्टार समाचार वेब
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अक्सर रेलवे ट्रैक पर पड़ी लकड़ी, पत्थर सहित अन्य वस्तुओं से हादसों की आशंका बनी रहती है। इस पर लगाम लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे मित्र बनाए जा रहे हैं। ये ट्रैक पर कोई वस्तु पड़े होने की जानकारी रेलवे और जीआरपी को देंगे। यह जानकारी एडीजी रेलवे प्रकाश डी ने दी। वह सेंट्रल के कैंट साइड स्थित जीआरपी लाइन परिसर में प्री फैब्रिकेटेड बैरक का उद्घाटन करने आए थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक दिन में गुजरने वाली 3050 से अधिक ट्रेनों में औसत तीन लाख लोग यात्रा करते हैं।
सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर
एडीजी रेलवे ने कहा-ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए रेलवे मित्र योजना पर कार्य किया जा रहा है। ट्रेनों में चोरी को रोकने के लिए जीआरपी सिपाही बॉडी वॉर्न कैमरा और ब्लूटूथ स्पीकर लगाकर चल रहे हैं। रेलवे ट्रैक पर कोई वस्तु पड़ी होने पर इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 139, 112 पर दें।
जीआरपी सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र दिए
एडीजी ने वर्ष 2025 में कुंभ मेला में सराहनीय कार्य करने वाले 11 हेड कांस्टेबल सहित 48 जीआरपी सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल दिए। इस दौरान डीआईजी पीएसी अतुल शर्मा, आईजी रेलवे एन कोलांची, पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रशांत वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे दुष्यंत कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह, आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार, सेंट्रल स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।