आज 22 जनवारी-2026 को अयोध्या में आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक बने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। ऐतिहासिक अनुष्ठान के साथ जिस स्वप्न ने साकार रूप लिया था, वह आज पूर्ण भव्यता के साथ देश-दुनिया के सामने खड़ा है।

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे हो गए हैं।

अयोध्या। स्टार समाचार वेब
आज 22 जनवारी-2026 को अयोध्या में आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक बने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। ऐतिहासिक अनुष्ठान के साथ जिस स्वप्न ने साकार रूप लिया था, वह आज पूर्ण भव्यता के साथ देश-दुनिया के सामने खड़ा है। इन दो वर्षों में न केवल मुख्य मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ, बल्कि राम जन्मभूमि परिसर 14 अन्य भव्य मंदिरों से सज्जित होकर एक विराट धार्मिक-सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित हो चुका है। इन दो वर्षों में मंदिर में लगातार निर्माण हो रहे हैं और आस्था के इस नए केंद्र का नया ही स्वरूप बदलकर सामने आ रहा है। रोज हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में दर्शन की व्यवस्था से लेकर टाइमिंग आदि में भी बदलाव हुए हैं जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए अपनाए जा रहे हैं।

गर्भगृह में बालक राम की मूर्ति
श्रीराम मंदिर का मुख्य ढांचा अब लगभग पूर्ण हो चुका है। गर्भगृह में श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला की मूर्ति स्थापित है। नियमित पूजा-अर्चना हो रही है। मंदिर की भूतल संरचना पूरी तरह तैयार है, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर निर्माण और कलात्मक कार्य अंतिम चरण में हैं। मंदिर का शिखर, मंडप और स्तंभ पारंपरिक नागर शैली में निर्मित किए गए हैं, जिन पर बारीक नक्काशी की गई है। पत्थरों पर रामायण से जुड़े प्रसंग उकेरे गए हैं, जो मंदिर को सांस्कृतिक पहचान देते हैं।
परिसर में रास्ते, बैठने की व्यवस्था
पिछले दो साल में मंदिर परिसर का बड़ा हिस्सा विकसित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौड़ा परिक्रमा पथ बनाया गया है, जिससे दर्शन के दौरान भीड़ नियंत्रित रहती है। परिसर में रास्ते, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक तकनीक से मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकें।
मंदिर में फहराई गई धर्म ध्वजा
नवंबर-2025 में अयोध्या में राम मंदिर पर धर्म ध्वजारोहण हुआ। राम मंदिर पर फहराने वाला ध्वज केसरिया रंग का है। ध्वज की लंबाई 22 फीट चौड़ाई 11 फीट और ध्वजदंड 42 फीट का है। इस ध्वज को 161 फीट के शिखर पर फहराया गया। ध्वज पर 3 चिन्ह चिह्नित किए गए हैं- सूर्य, ऊं, कोविदार वृक्ष। यह ध्वज सूर्य भगवान का प्रतीक है। सनातन परंपरा में केसरिया त्याग, बलिदान, वीरता और भक्ति का प्रतीक माना गया है।
देश की आस्था का मजबूत केंद्र
जन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण से संबंधित काम 15 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया था। भूमि पूजन के बाद जनवरी 2021 से मंदिर निर्माण के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नींव की खोदाई शुरू कराई थी। दो साल बाद श्रीराम मंदिर अपनी भव्यता और गरिमा के साथ खड़ा है। कुछ कार्य अभी शेष हैं, लेकिन मंदिर अब अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का मजबूत केंद्र बन चुका है।
मुख्य राम मंदिर में ये निर्माण पूरा


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