मध्य प्रदेश में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का गणना चरण संपन्न। 5.31 करोड़ से अधिक प्रपत्र जमा। जानें 23 दिसंबर से शुरू होने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया और नाम जुड़वाने के नियम
भारत निर्वाचन आयोग के सचिव बिनोद कुमार ने भोपाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की समीक्षा की। उन्होंने 'कोई मतदाता न छूटे' सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को घर-घर सत्यापन, बीएलओ मैपिंग और टीम वर्क के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए।
चुनाव आयोग ने बीएलओ का वेतन 6000 से बढ़ाकर 12000 रुपए सालाना कर दिया है। यही नहीं आयोग ने जारी बयान में कहा है कि पिछला ऐसा बदलाव 2015 में किया गया था। पहली बार इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर्स और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर्स को भी मानदेय दिया जाएगा।
भोपाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 2003 की वोटर लिस्ट खोजने के लिए https://sirbhopal.com पोर्टल शुरू। कलेक्टर ने दी जानकारी, लेकिन केवल 7.37% फॉर्म वापस आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय।
भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान लापरवाही बरतने पर टीटी नगर के 2 बीएलओ (संतोषकुमार तिवारी और सक्षम सिंह राजपूत) को निलंबित करने का प्रस्ताव कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को भेजा गया है। कलेक्टर ने कहा, एसआईआर में चूक बर्दाश्त नहीं।
भोपाल में वोटर लिस्ट के गहन परीक्षण (SIR) का तीसरा दिन। 2003 के बाद पहली बार डोर-टू-डोर सर्वे। बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन, दस्तावेज़ नहीं, सिर्फ़ गणना पत्रक से वेरिफिकेशन।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ड्यूटी से गैरहाजिर बीएलओ को आधी रात में बर्खास्त कर दिया। यह कदम अधिकारियों को चेतावनी है कि सर्वे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) होगा। चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा कर दी है। जानें क्या है एसआईआर, कौन से दस्तावेज मांगे जाएंगे और क्यों हो रहा यह गहन पुनरीक्षण।
पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी से जुड़े निर्देशों का पालन न करने के आरोप में लगभग 1,000 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) पर गाज गिरी है। इन सभी अधिकारियों को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत 'कारण बताओ' नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए हैं।





















