मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ड्यूटी से गैरहाजिर बीएलओ को आधी रात में बर्खास्त कर दिया। यह कदम अधिकारियों को चेतावनी है कि सर्वे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ड्यूटी से गैरहाजिर बीएलओ को आधी रात में बर्खास्त कर दिया। यह कदम अधिकारियों को चेतावनी है कि सर्वे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरअसल, भोपाल में मंगलवार से एसआईआर की शुरुआत हो गई है। पहले दिन कलेक्टर से लेकर एसडीएम, तहसीलदार-नायब तहसीलदार, सुपरवाइजर और बीएलओ डोर-टू-डोर जाकर मतदाताओं को फॉर्म देने में जुटे रहे। इस काम में लापरवाही बरतने पर पहली बड़ी कार्रवाई भी की गई है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सहायक ग्रेड-3 प्रशांत दुबे बरकतउल्ला विवि में पदस्थ हैं। उनकी ड्यूटी गोविंदपुरा विधानसभा के बूथ नंबर-150 पर लगाई गई थी। मंगलवार को वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इसलिए नौकरी से बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई है। ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट भी तैयार की जा रही है, जो इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। उनके विरुद्ध भी बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
एसआईआर के कार्य में 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर को सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है। ये डोर-टू-डोर जाकर वोटर को फॉर्म देंगे, जिन्हें भरकर वोटर वापस इन्हें लौटाएंगे। एक महीने तक यह काम चलेगा। हर बीएलओ को 3 बार तक घर जाना होगा और मतदाता को गणना पत्रक देना होगा, जो दो प्रति में होगा। एक मतदाता के पास रहेगी और दूसरी बीएलओ के पास। वर्तमान में भोपाल जिले में 21 लाख मतदाता हैं।
2003 के बाद पहली बार वोटर लिस्ट का डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की लिस्ट में नहीं हैं और वर्तमान लिस्ट में हैं, उन्हें बताना होगा कि परिवार में किसका नाम 2003 की लिस्ट में था। बीएलओ फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर इसे वेरिफाई करेंगे। जानकारी सही होने पर ही नाम जुड़ेगा।


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