अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं। यह कदम चीन पर वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले सामान की बाढ़ लाने के आरोप के बाद उठाया जा रहा है। प्रस्तावित शुल्क 7.5 फीसदी हो सकता है।

कनाडा से आने वाली कारों, आटो पार्ट्स-स्टील पर 50 प्रतिशत शुल्क लगेगा
घोषणा के बाद दोनों देशों के साथ अमेरिका का व्यापार तनाव बढ़ने की उममीद
वॉशिंगटन। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं। यह कदम चीन पर वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले सामान की बाढ़ लाने के आरोप के बाद उठाया जा रहा है। प्रस्तावित शुल्क 7.5 फीसदी हो सकता है। हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन ऐसा स्तर तय करना चाहता है जिससे अमेरिका और चीन के बीच चल रहा एक साल का व्यापारिक समझौता प्रभावित न हो। साथ ही सितंबर के अंत में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच प्रस्तावित मुलाकात पर भी इसका असर न पड़े।
चीन पर शुल्क के ऊपर लगेगा नया टैरिफ
प्रस्तावित नया शुल्क चीन पर पहले से लागू टैरिफ के अतिरिक्त होगा। पिछले महीने अमेरिका ने दुनिया की करीब 60 अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले सामान पर 10 से 12.5 फीसदी तक के शुल्क की घोषणा की थी। इन देशों पर जबरन मजदूरी से बने उत्पादों पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप लगाया गया था। चीन समेत कई देशों ने इस कदम का विरोध किया था।
चीन के ओवर कैपेसिटी पर नजर
ट्रंप प्रशासन ने मार्च में चीन समेत कई देशों की अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और जबरन मजदूरी से जुड़े नियमों को लेकर औपचारिक जांच शुरू की थी। चीन की जांच अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत की जा रही है। अमेरिका का आरोप है कि चीन की कई इंडस्ट्रीज में जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता है, जिससे वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले उत्पादों की आपूर्ति बढ़ रही है। आॅटोमोबाइल, सोलर पैनल, सीमेंट और स्टील जैसे क्षेत्रों में चीन की बड़ी उत्पादन क्षमता को लेकर उसके व्यापारिक साझेदार चिंता जता चुके हैं। चीन ने हालांकि ओवरकैपेसिटी के आरोपों को खारिज किया है।
चीन का व्यापार सरप्लस रिकॉर्ड स्तर पर
चीन में घरेलू मांग धीमी होने के कारण कई कंपनियों ने विदेशी बाजारों का रुख किया है। इससे देश के निर्यात में बढ़ोतरी हुई और पिछले साल चीन का व्यापार अधिशेष करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि चीन ने कभी बड़े व्यापार अधिशेष को अपना लक्ष्य नहीं बनाया।
कनाडा पर भी ट्रंप ने बढ़ाया टैरिफ का दबाव
इस बीच ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ भी टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2027 से कनाडा से आने वाली कारों, ट्रकों, आटो पार्ट्स और स्टील पर शुल्क बढ़ाकर 50 फीसदी किया जाएगा। ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाने और अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन शुरू करने पर टैरिफ से छूट देने की बात भी कही। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा के साथ मौजूदा व्यापार संबंध टिकाऊ नहीं हैं और अब वॉशिंगटन उसे पहले जैसी तरजीह नहीं देगा।
कनाडा आज लगाएगा जवाबी टैरिफ
इधर, कनाडा जल्द ही अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ का ऐलान करेगा। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा व्यापार विवाद और गहराने की आशंका है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच व्यापार वार्ता टूटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव तेजी से बढ़ा है।
कार्नी बोले- अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की अनुचित व्यापार शर्तों का विरोध करते हुए कहा है कि कनाडा अपने प्रमुख उद्योगों-विशेष रूप से आॅटोमोबाइल, स्टील और एल्युमिनियम, को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी स्थिति को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं करेगा जिसमें उसे अमेरिका की एक सहायक इकाई की तरह देखा जाए।


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