जबलपुर मंडल के एडीआरएम सुनील टेलर ने सतना जंक्शन का निरीक्षण किया, एआरटी, रनिंग रूम, लाबी, सीएनडब्ल्यू समेत कई विभागों में व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।

‘सर, कमरों की है कमी, आरओ की भी दरकार’
सतना, स्टार समाचार
वर्ल्ड क्लास स्टेशन के तौर पर विकसित हो रहे सतना जंक्शन की व्यवस्थाओं व यात्री सुविधाओं की जांच करने गुरूवार को जबलपुर मंडल के एडीआरएम सुनील टेलर सतना पहुंचे। काशी एक्सप्रेस से जुड़े आरए कोच में सवार होकर सतना पहुंचे एडीआरएम ने निरीक्षण के दौरान एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी )के अलावा रनिंग रूम , लाबी समेत विभिन्न विभागों का जायजा लेकर स्थानीय रेल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। आरए में एडीआरएम टेलर के साथ सहायक मंडल अभियंता श्यामनारायण, एनकेजेएस के एडीएमओ आदित्य वर्मा भी पहुंचे जिनकी स्टेशन प्रबंधक अब्दुल मतीन ने अन्य रेल अधिकारियों के साथ आगवानी की। इस दौरान एडीएमई एके चौरसिया , सीएचआई नीलकमल गुप्ता समेत कई स्थानीय रेल अधिकारी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। तूफानी निरीक्षण के पश्चात दोपहर 2 बजे हटिया एक्सप्रेस से आरए अटैच कर जबलपुर के लिए रवाना हो गए।
एआरटी रखें दुरूस्त, कटर से ट्रैक कटिंग भी जांची
सुबह तकरीबन 4 बजे सतना जंक्शन पहुंचे एडीआरएम ने अपने निरीक्षण की शुरूआत प्रात: 8.15 से उस एआरटी से की जो रेल दुर्घटना के दौरान बाधित होने वाले रेल ट्रैक को बहाल करने में बेहद कारगर भूमिका अदा करती है। एडीआरएम ने एआरटी की व्यवस्थाओं को चौबीसो घंटे दुरूस्त रखने के निर्देश होते हुए उन व्यवस्थाओं व उपकरणों की सूक्ष्मता से जांच की जो रेल दुर्घटना से निपटने में अहम होते हैं इस दौरान एडीआरएम की नजर पटरी काटने वाले कटर पर पड़ी जिसके संचालन की एआरटी कर्मियों की दक्षता को जांचने एडीआरएम ने मौजूद स्थानीय अधिकारियों से इसे चलाने की क्रिया विधि पूछी। मौजूद अधिकारियों से ‘ट्रैक कटर’संचालन की विधि सुनकर एडीआरएम ने संतुष्टिपूर्वक सिर हिलाया और एआरटी में मौजूद रूटीन रिकार्ड बुक की जांच कर यह जानने का प्रयास किया कि एआरटी का संचालन व व्यवस्थाएं मानक स्तर पर हो रही हैं या नहीं? इस दौरान एआरटी में मौजूद उस सायरन को बजाया गया जिसे रेल दुर्घटनाओं के दौरान एआरटी स्टाफ को सतर्क कर तत्काल रिलीफ वर्क के लिए तैनात होने के लिए बजाया जाता है। एआरटी की कार्यप्रणाली से संतुष्ट होकर एडीआरएम ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि एआरटी की व्यवस्थाओं को हमेशा दुरूस्त रखें ताकि रेल दुर्घटनाओं के दौरान न केवल तत्काल राहत पुहंचाई जा सके बल्कि रेल ट्रैक को दुरूस्त कर बाधित रेल यातायात की बहाली सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान एडीआरएम ने एसपीएआरएमवी के ंसबंध में भी जानकारी लेते हुए उन मेडिकल सुविधाओं का भी जायजा लिया जो किसी दुर्घटना में घायलों को मुहैया कराई जाती है।
देखा सिग्नल का डेमो
निरीक्षण के दौरान लॉबी में मौजूद रेल कर्मियों व रेल अधिकारियों से एडीआरएम टेलर ने पूछा कि वे ग्रीन, रेड या यलो सिग्नल किस प्रकार से देते हैं। एडीआरएम ने मौजूद रेल कर्मियों से डेमो देने को कहा। जिसका सफल प्रदर्शन देखकर एडीआरएम संतुष्ट नजर आए।
आरओएच सीएनडब्ल्यू की देखी कार्यप्रणाली
सुरक्षा टीम के साथ सतना पहुंचे एडीआरएम ने आरओएच कैरी एंड बैगन परिसर में पहुंचकर वहां की बारीकियां जांची। यहां एडीआरएम ने हार्ड एक्सल के संंबंध में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होेने हुक बोर्ड ओडेल ब्लाक, सेफ्टी हेलमेट, समेत अन्य उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी भी काम कर रहे कर्मचारियों से ली।
और लगा दी ‘केजी’ की क्लास
सतना स्टेशन के निरीक्षण के दौरान प्लेटफार्म क्र. 1 की ओर गंदगी से बजबजाती नाली देखकर एडीआरएम ने सीएचआई कृष्णगोपाल गुप्ता ‘केजी’को राडार में ले लिया। उन्होने गंदगी को लेकर जब सीएचआई से सवाल दागे तो उसने जानकारी दी कि 1 जून से ठेके में बदलाव किया गया है और चौतरफा गंदगी देखते हुए एक सप्ताह का नोटिस भी दिया गया है। एडीआरएम ने निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था पर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिजर्वेशन आफिस के बाहर कानकोर में जाले दिखने पर भी एडीआरएम ने नाराजगी जताई।
निरीक्षण में सामने आई रनिंग रूम की समस्याएं
रेल परिचालन में अहम भूमिका निभाने वाले रनिंग स्टाफ की समस्याएं जानने एडीआरएम ने डाउन साइड स्थित रनिंग रूम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एडीआरएम ने रनिंग रूम में मौजूद मुख्य कार्मिक दल नियंत्रक (सीसीओआर )ओपी यादव से पूछा कि रनिंग रूम में रनिंग स्टाफ को हर प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं या कोई समस्या है? एडीआरएम के सवाल पर सीसीओआर यादव ने बताया कि सतना जंक्शन के रनिंग रूम में पहुंचने वाले रनिंग स्टाफ की तुलना में कमरों की संख्या कम है जिससे कई मर्तबा रनिंग स्टाफ के विश्राम पर खलल पड़ता है। इसके अलावा सीसीओआर ने रनिंग स्टाफ के शुद्ध पेयजल के लिए एडीआरएम से एक आरओ की आवश्यकता जताई। दोनो समस्याओं को संजीदगी से लेते हुए एडीआरएम ने आश्वस्त किया कि कमरों के निर्माण का काम प्रगति पर है जिससे कक्षों की किल्लत की समस्या जल्द ही दूर कर दी जाएगी।
आरओ के संबंध में भी एडीआरएम ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही नया कांट्रैक्ट होने जा रहा है जिससे आरओ की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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