अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को आखिरकार स्थायी नेतृत्व मिल गया है। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नरेंद्र कोटवाल को संस्थान का नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है।

एम्स को लेकर केन्द्र का बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर तय किया
भोपाल। स्टार समाचार वेब
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉ. नरेंद्र कोटवाल को एम्स भोपाल का नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कार्यकारी निदेशक) नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। इस नियुक्ति से संस्थान के कामकाज में और अधिक तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जारी किए गए आदेश के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नरेंद्र कोटवाल की यह नियुक्ति अनुबंध (Contract) के आधार पर की गई है। उनका कार्यकाल कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होगा और यह तीन साल की अवधि के लिए मान्य होगा। इसके अलावा, आयु सीमा को लेकर यह स्पष्ट किया गया है कि वे 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) इस पद पर बने रहेंगे। उन्हें प्रशासनिक और वेतनमान नियमों के तहत लेवल-15 के वेतन मैट्रिक्स के अनुसार जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नवनियुक्त एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नरेंद्र कोटवाल के पास चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ सैन्य चिकित्सा प्रशासन का भी बेहतरीन और लंबा अनुभव रहा है। वे प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे के डायरेक्टर एवं कमांडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एम्स भोपाल की कमान संभालने से ठीक पहले वे पंचकूला स्थित पारस हेल्थ में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। चिकित्सा संस्थानों के संचालन और प्रशासनिक प्रबंधन का उनका यह व्यापक अनुभव एम्स भोपाल के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में बेहद मददगार साबित होगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से एम्स भोपाल में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का पद नियमित रूप से भरा नहीं जा सका था और संस्थान का कामकाज अतिरिक्त प्रभार के जरिए चलाया जा रहा था। वर्तमान में एम्स दरभंगा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. माधवानंद के पास ही एम्स भोपाल का अतिरिक्त प्रभार था। अब लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नरेंद्र कोटवाल के कार्यभार संभालने के बाद यह अतिरिक्त व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और संस्थान को एक समर्पित तथा नियमित प्रशासनिक प्रमुख मिल जाएगा।

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