अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में CEO और प्रवक्ता की नियुक्ति पर फैसला संभव है। दूसरी ओर, चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में संतों ने बैठक बुलाई, जिसे पुलिस ने रोक दिया।

अयोध्या। स्टार समाचार वेब
अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए दो सितंबर को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। इसके अलावा, लंबे समय से रिक्त चल रहे अन्य अहम पदों को भरने के लिए भी गहन विचार-मंथन किया जाएगा।
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और तेजी से विस्तार पा रही व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए ट्रस्ट प्रशासनिक ढांचे को और चुस्त-दुरुस्त करने में जुटा है। CEO की नियुक्ति से मंदिर से जुड़े विभिन्न विभागों, व्यवस्थाओं और कार्यों के बीच बेहतर और प्रभावी समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है। वहीं, प्रवक्ता की नियुक्ति से मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों, आयोजनों और गतिविधियों की आधिकारिक जानकारी समय पर और स्पष्ट रूप से जनता के सामने आ सकेगी।
राम मंदिर में CEO के पद के चयन के लिए चयन समिति की तरफ से पहले ही तीन प्रमुख नामों का एक पैनल ट्रस्ट को सौंपा जा चुका है। इन संभावित नामों में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र और योगेश्वर राम मिश्रा के नाम प्रमुखता से शामिल हैं, जिन पर बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
दूसरी ओर, अयोध्या में कारसेवकपुरम के पास स्थित ओम आश्रम में मंगलवार को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ बुलाई गई संतों की बैठक को पुलिस ने रोक दिया। संतों का गंभीर आरोप है कि बैठक के दौरान अचानक पुलिस पहुंची और उन्हें बाहर निकालकर आश्रम में ताला लगा दिया। इस कार्रवाई से आक्रोशित संतों ने ‘चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो’ के नारे लगाए। हालांकि, पुलिस का दावा है कि पुलिस द्वारा रोके जाने से पहले ही संत खुद आश्रम से बाहर आ गए थे और नारेबाजी करने लगे थे।
यह विवादित बैठक प्रकाशानंद गिरि उर्फ 'कंप्यूटर बाबा' द्वारा बुलाई गई थी। इसमें महामंडलेश्वर परमानंद गिरि, जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण और महंत दिलीप दास सहित करीब 8-10 संत पहुंचे थे। संतों का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से बैठक रोकने का कारण पूछा, तो पुलिस ने कोई ठोस वजह नहीं बताई। इतना ही नहीं, कुछ अन्य संतों को बैठक में शामिल होने से रोकने के लिए कथित तौर पर हाउस अरेस्ट भी किया गया।
संतों ने आरोप लगाया कि चढ़ावा चोरी के मामले में केवल छोटे आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े चेहरों को बचाया जा रहा है। कंप्यूटर बाबा ने चेतावनी दी है कि यदि चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो संत समाज एक बड़ा आंदोलन करेगा। जरूरत पड़ने पर एक लाख संतों के साथ अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए जाएंगे और भगवान से क्षमा मांगी जाएगी। महामंडलेश्वर परमानंद गिरि ने कहा कि संत इस चोरी को रोकने में असमर्थ रहे, जिसके लिए वे रामलला से हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं। उन्होंने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े आगजनी मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है। हालांकि, कोर्ट ने अन्य 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। जानिए इस मामले से जुड़ी पूरी खबर।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेताओं को पुलिस ने डिटेन किया। इस पर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताते हुए इसे 'अघोषित इमरजेंसी' बताया और पदयात्रा की चेतावनी दी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के दिल्ली प्रदर्शन से पहले पुलिस ने भारी कार्रवाई की। अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, तुषार गांधी और मनीष सिसोदिया समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और रकफ रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में तनाव और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिल रही है।
उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले के सफदरगंज में बीती देर रात चलती कार आग का गोला बन गई। कार में सवार चालक बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई। आग बुझने के बाद कार के अवशेष में कुछ हड्डियां ही बची थीं।
दिल्ली में कड़े प्रतिबंधों और मेट्रो-ट्रेन रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका। कपिल सिब्बल की दलीलों पर कोर्ट ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार और नागरिकों की सहूलियत के बीच संतुलन बनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। नोएडा के जेवर एयरपोर्ट का नाम अब बदलकर 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को पुलिस ने नहीं दी अनुमति। कई ट्रेनें रद्द, 57 मेट्रो स्टेशन बंद और 10 डिटेंशन सेंटर बनाए गए। जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू।
देश के 4 राज्यों की 6 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे LIVE। पुडुचेरी में AINRC जीती, बंगाल और असम में बीजेपी की बढ़त। तमिलनाडु में टीवीके और AIADMK में टक्कर।
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