भोपाल के ऐशबाग में सार्वजनिक शौचालय को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच विवाद गहराया। निगम ने रेलवे को बाउंड्री वॉल हटाने का नोटिस देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है

भोपाल नगर निगम ने राजस्व रिकॉर्ड और मौके की जांच के बाद यह स्पष्ट किया है कि ऐशबाग में जिस स्थान पर टॉयलेट बनाया जा रहा है, वह रेलवे की नहीं बल्कि नगर निगम (म्युनिसिपल बोर्ड) की संपत्ति है। निगम के अनुसार, खसरा नंबर 1081(5) और 1082(5) के तहत लगभग 12,163 वर्गफीट जमीन निगम के नाम दर्ज है, जिसमें से केवल 200 वर्गफीट पर शौचालय का निर्माण हो रहा है।
नगर निगम ने पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रेलवे ने बिना किसी अनुमति के बाउंड्री वॉल खड़ी कर निगम की जमीन को घेर लिया है। इस बाउंड्री वॉल के कारण शौचालय का निर्माण स्थल भी प्रभावित हो रहा है। निगम ने रेलवे के सीनियर डिविजनल इंजीनियर को पत्र लिखकर इस दीवार को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब रेलवे ने नगर निगम को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने और शौचालय हटाने को कहा था। इसके जवाब में निगम ने राजस्व विभाग और इंजीनियरों की संयुक्त टीम गठित कर जांच करवाई। जांच के दौरान मौके पर रेलवे के अधिकारी भी मौजूद थे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस विवादित स्थल पर पहले अवैध पार्किंग संचालित होती थी।
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री आरआर जारोलिया की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि रेलवे ने अपना अतिक्रमण (बाउंड्री वॉल) नहीं हटाया, तो नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि वे अपने अधिकृत 'लैंड प्लान' के आधार पर जमीन का भौतिक सत्यापन करेंगे। रेलवे का तर्क है कि वैरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे अपनी अगली कार्ययोजना स्पष्ट करेंगे। फिलहाल, यह मामला प्रशासन और रेलवे के बीच एक बड़ी खींचतान का रूप ले चुका है।

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