भोपाल में शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय बदल दिया है। नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही लगेंगे। आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई।

कोहरे मेंं ढंका भोपाल. स्टार समाचार
भोपाल: स्टार समाचार वेब
राजधानी में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने भोपाल के सभी स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव का फैसला लिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एन.के. अहिरवार द्वारा रविवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सोमवार से भोपाल जिले के सभी स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित किए जाएंगे। प्रशासन ने सख्ती से निर्देश दिए हैं कि नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के किसी भी छात्र को सुबह 9:30 बजे से पहले स्कूल परिसर में नहीं बुलाया जाएगा।

यह आदेश केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। जिले के अंतर्गत आने वाले सभी:
शासकीय (Government) स्कूल
निजी (Private) स्कूल
सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से संबद्ध स्कूल
अनुदान प्राप्त और अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई स्कूल इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से भोपाल में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) बहुत कम रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। अभिभावकों की चिंता और बच्चों को ठंड जनित बीमारियों (जैसे निमोनिया और सर्दी-जुकाम) से बचाने के लिए प्रशासन ने यह राहत भरा कदम उठाया है।
बचाव के टिप्स: कड़ाके की ठंड में बच्चों का ऐसे रखें ख्याल
परतदार कपड़े: बच्चों को एक भारी स्वेटर के बजाय परतों (layers) में कपड़े पहनाएं।
सिर और कान ढकें: बच्चों को स्कूल भेजते समय गर्म टोपी और मफलर का प्रयोग अवश्य करें।
गुनगुना पानी: बच्चों को पीने के लिए गुनगुना पानी दें और थर्मस साथ रखें।
पौष्टिक आहार: बच्चों के डाइट में सूप, हल्दी वाला दूध और सूखे मेवे शामिल करें।
त्वचा की देखभाल: ठंड में त्वचा शुष्क हो जाती है, इसलिए मॉइस्चराइजर का उपयोग करें।

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