भोपाल टैक्सी चालक संघ और संयुक्त मोर्चा ने एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी के खिलाफ 18 अगस्त से शहर में टैक्सी संचालन पूरी तरह बंद रखने का ऐलान किया है। 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना प्रदर्शन होगा। जानिए यात्रियों के लिए क्या हैं वैकल्पिक इंतजाम और मुख्य मांगें।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यात्रियों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी, लगातार बढ़ते हुए खर्चे और शासन-प्रशासन द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई कार्रवाई न किए जाने के विरोध में शहर के टैक्सी चालकों ने कड़ा रुख अपनाया है। भोपाल टैक्सी चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के संपूर्ण भारत संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर 18 अगस्त की रात 12 बजे से शहर में तमाम टैक्सी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भोपाल शहर में कुल 35,000 नहीं बल्कि 3,500 टैक्सियां संचालित होती हैं, जिनके पहिए थमने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होना तय है।
टैक्सी चालकों के संयुक्त मोर्चे ने अपने आंदोलन को तेज करते हुए 19 अगस्त को शहर के प्रमुख केंद्र 'बोर्ड ऑफिस चौराहे' पर एक बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस शांतिपूर्ण धरने के माध्यम से चालक अपनी विभिन्न समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाएंगे। प्रदर्शन के अंत में मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें टैक्सी चालकों की समस्याओं के त्वरित और स्थाई समाधान की मांग की जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।
टैक्सी चालक संगठनों और महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार, ड्राइवरों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
सरकारी स्तर पर किराया निर्धारण: संघ की सबसे बड़ी मांग यह है कि सरकार कमर्शियल टैक्सियों के लिए आधिकारिक किराया (Fare Fixation) तय करे।
एग्रीगेटर कंपनियों पर नकेल: ओला, उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को सरकार द्वारा निर्धारित उसी तय किराए पर टैक्सियां चलाने के लिए बाध्य करने का सख्त आदेश जारी किया जाए।
बढ़ती लागत और कर्ज का बोझ: वर्तमान में मिल रहे कम किराए से ईंधन (पेट्रोल-डीजल-सीएनजी), वाहन का रखरखाव (Maintenance), बीमा (Insurance), बैंक किस्त और परिवार का भरण-पोषण करना असंभव हो गया है।
प्राइवेट नंबर के वाहनों के संचालन पर रोक: संयुक्त मोर्चे ने मांग की है कि एग्रीगेटर ऐप्स के जरिए धड़ल्ले से चलाए जा रहे नॉन-कमर्शियल यानी प्राइवेट नंबर की कारों, बाइकों और ई-रिक्शा के व्यावसायिक इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई जाए। इन अवैध वाहनों के कारण वैध कमर्शियल टैक्सियों की कमाई पर भारी असर पड़ रहा है।
टैक्सी सेवाओं के अनिश्चितकालीन बंद होने से भोपाल आने-जाने वाले आम नागरिकों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
प्रमुख प्रभावित स्थल: राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और शहर के अन्य व्यस्त हिस्सों से आने-जाने वाले यात्रियों को कैब न मिलने की समस्या से जूझना पड़ेगा।
वैकल्पिक साधन: एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को ऑटो-रिक्शा, सिटी बसों या निजी साधनों का उपयोग करना होगा।
संयुक्त मोर्चे ने जनता को होने वाली इस असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हुए कहा है कि ड्राइवर अपनी रोजी-रोटी और परिवार को बचाने के लिए इस कड़े कदम को उठाने के लिए मजबूर हुए हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। यदि आंदोलन के दौरान कोई असामाजिक तत्व किसी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि करता है, तो उससे संगठन का कोई लेना-देना नहीं होगा। साथ ही, प्रशासन से अपील की गई है कि वह इस शांतिपूर्ण बंद और धरने को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग दे।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी:
संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों ने उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं निकाला, तो इस एक दिवसीय बंद को पूर्ण और अनिश्चितकालीन टैक्सी हड़ताल में बदल दिया जाएगा। जब तक ड्राइवरों के लिए उचित किराया नीति नहीं बनती, तब तक यह विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।

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