रीवा में बीहर बायपास पुल की मरम्मत का कार्य लंबा खिंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल बंद रहने के दौरान बायपास निर्माण तेजी से हुआ, जबकि भारी वाहन शहर की सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
1 महीने 15 दिन का समय बीत गया लेकिन बीहर बायपास का क्षतिग्रस्त पुल नहीं सुधरा। वहीं पुल दुरुस्त करने वाली कंपनी ने बायपास सड़क डेढ़ महीने में दनादन बना डाली। 70 फीसदी बायपास सड़क का काम पुल बंद के दौरान कर डाला। कलेक्टर ने भले ही डेड लाइन की समय सीमा नहीं बढ़ाई लेकिन वह पुल भी नहीं खुलवा पाए। समस्या धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। भारी वाहन शहर की सड़कों से 24 घंटे मौत बन कर दौड़ रहे। सड़कें क्षतिग्रस्त रही हैं।
कलेक्टर सिर्फ जनसुनवाई और जनचौपाल में ही फेमस हो रहे हैं। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में जोर नहीं लगा पा रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण बीहर बायपास का क्षतिग्रस्त पुल है। एमपीआरडीसी ने पहले इस पुल के मरम्मत कार्य में देरी की। फिर कंपनी ने लंबा इंतजार कराया। काम पहली डेड लाइन खत्म होने के बाद शुरू हुआ। पहली डेड लाइन 30 अप्रैल थी। वह खत्म हुई तो दूसरी 10 मई मिली। फिर भी कंपनी ने काम स्लो किया। दूसरी डेड लाइन 10 मई थी। वह भी खत्म हो गई तो तीसरी डेड लाइन मांगने कलेक्टर के पास पत्र भेज दिया गया। कलेक्टर ने डेड लाइन देने से इंकार तो कर दिया लेकिन काम भी नहीं करवा पाए। अभी तक बीहर पुल ओपन नहीं हो पाया है। जबकि बेयरिंग का काम हुए 13 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। पेयर कैप आदि भी दुरुस्त कर लिया गया है। इसके बाद भी बीहर पुल को खोला नहीं जा रहा है। यह बात ही लोगों को समझ में नहीं आ रही है कि अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है। भारी वाहनों ने शहर की सड़कें खराब करना शुरू कर दिए हैं।
बायपास कंपनी और एमपीआरडीसी ने मिलकर किया खेल
सूत्रों की मानें तो बायपास सड़क का काम एचआरवाय कंपनी कर रही है। ठेका भले ही केसीसी के नाम से हो लेकिन काम एचआरवाय कंपनी ही कर रही है। इसी कंपनी ने क्षतिग्रस्त पुल को सुधारने का काम भी किया। एमपीआरडीसी ने दिल्ली की कंपनी को कागजों में काम दिया था। सूत्रों की मानें तो मौके पर सारी मशीनरी और इंजीनियर एचआरवाय कंपनी के ही लगे थे। अब इससे यह तो साफ हो गया कि सारा खेल एमपीआरडीसी और बायपास बनाने वाली कंपनी का ही चल रहा था। बायपास सड़क का काम तेज गति से करने के लिए अनावश्यक देरी पुल को दुरुस्त करने और खोलने में किया गया।
काफी काम कंपनी ने कर डाला, अब परेशानी हो रही तो खोलेंगे
सूत्रों की मानें तो बायपास बनाने वाली एचआरवाय कंपनी ने डेढ़ महीने में सड़क निर्माण से संबंधित 70 फीसदी काम तेजी से कर डाला है। बायपास बंद था। इसके कारण तेजी से काम हुआ। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क का काम नहीं हो पाता। इसी वजह से बीहर पुल की आड़ में आवागमन बंद किया गया। डेड लाइन बढ़ाई गई। अब जब कंपनी का काम प्रभावित होने लगा है तो पुल को भी खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एक या दो दिन में पुल शुरू करने की योजना है।
अभी सिर्फ छोटे वाहन ही गुजर रहे हैं
बीहर बायपास का क्षतिग्रस्त पुल का काम पूरा हो गया है। जैक वगैरह हटा लिया गया है। छोटे वाहनों को गुजारा जा रहा है। पहले टू व्हीलर को जाने दे रहे थे। अब चार पहिया वाहन भी गुजरने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो 25 मई से भारी वाहनों के लिए भी पुल को खोल दिया जाएगा। दो दिन बाद ही रीवा वालों को भारी वाहनों से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारी वाहनों से हो रहा शहर की सड़कों को नुकसान
बायपास का काम पूरा नहीं हुआ है। इसके कारण भारी वाहनों को शहर के अंदर भेजा जा रहा है। करहिया, बोदाबाग, अजगरहा मार्ग को वैकल्पिक मार्ग बना दिया गया है। यह मार्ग पहले से ही कई सालों में बन कर तैयार हुआ। आधी सड़क का निर्माण घटिया हुआ था। 20 फीसदी बिलो में कांक्रीट सड़क बनवाई गई थी। पीडब्लूडी ब्रिज ने सड़क बनाई थी, वह पहले ही उधड़ गई थी। पुल ऐसा बनाया जिसका दर्द अभी तक लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसके बाद अब भारी वाहनो को इसी सड़क से गुजारा जा रहा है। इसके कारण अब फिर से यह सड़क उधड़ने लगी है। बोदाबाग से अजगरहा सड़क तो धंस चुकी है। यह चलने लायक नहीं बची। सीवर लाइन को भी नुकसान पहुंचा है।


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