सतना में भाजयुमो जिला अध्यक्ष पद के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवा दावेदार सामने आए हैं। आदित्य यादव, हर्षित सिंह बिसेन, आदित्य सिंह टीकर, प्रियंक त्रिपाठी, अतुल शुक्ला जैसे नाम चर्चा में हैं। नियुक्ति 2028 की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखकर होगी।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
वैसे तो अभी इस बारे में चर्चा करना थोड़ा जल्दबाजी है लेकिन जिस तरह से युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के लिए दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है, लिहाजा इस पर चर्चा करना भी स्वाभाविक है। सतना में भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्षों के दावेदारों की बात की जाए तो इसके लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा नाम अभी तक सामने आ चुके हैं और फील्ड में उनकी सक्रियता यह दर्शाती भी है कि इनकी कहीं न कहीं अध्यक्ष के लिए दावेदारी भी है। अभी तक जितने भी नाम भाजयुमो के जिला अध्यक्ष के लिए सामने आ रहे हैं, उनमें से कुछ की स्वयं की दावेदारी है तो कुछ दावेदारों के सिर पर पार्टी के नेताओं व जनप्रतिनिधियों का हाथ है। भाजयुमो का जिला अध्यक्ष कौन होगा? यह तो भविष्य के गर्त में है, पर दावेदारों की सक्रियता से एक बात तो साफ है कि जब तक जिला अध्यक्ष की घोषणा नहीं होती तब तक ये सभी दावेदार पार्टी के कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर अपनी सहभागिता निभाएंगे जो पार्टी के लिए शुभ संकेत है। भाजपा जिला अध्यक्ष के बाद मोर्चो में सबसे अहम मोर्चा माने जाने वाले भाजयुमो की जिला अध्यक्षी के लिए वर्तमान जिला अध्यक्ष सहित भाजयुमो पदाधिकारी, पूर्व मंडल अध्यक्ष तक सक्रिय हैं। इन सबके अलावा भाजयुमो की जिला अध्यक्षी की दौड़ में प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि राज्यमंत्री के भाई ने अपनी दावेदारी अभी खुलकर नहीं की है लेकिन सूत्र बताते हैं कि पर्दे के पीछे से इसके लिए उन्होंने लाविंग शुरू कर दी है।
भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व पार्षद आदित्य यादव को भी जिला अध्यक्ष का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पूर्व स्पीकर के पुत्र आदित्य पिछले कार्यकाल के दौरान भी भाजयुमो के जिला अध्यक्ष की दौड़ में थे और इस बार भी बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में इन्हें इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
भाजयुमो के जिला अध्यक्ष की दौड़ में एक प्रमुख नाम हर्षित सिंह बिसेन का भी प्रमुखता से सामने आ रहा है। पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री धर्मेन्द्र सिंह बिसेन के बेटे हैं हर्षित, वे लगातार पार्टी की रीति- नीति को आगे बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं। पिछली बार भी वे जिलाध्यक्ष के दावेदार थे लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला था। बावजूद इसके वे लगातार पार्टी को बूथ तक मजबूत करने व युवाओं को जोड़ने के काम में लगातार लगे रहे।
भाजयुमो के जिला कार्यसमिति सदस्य आदित्य सिंह टीकर को भी भाजयुमो के जिला अध्यक्ष का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। अपनी संगठनात्मक क्षमता का कई मौकों पर परिचय दे चुके श्री सिंह के साथ युवाओं का अच्छा खासा समर्थन है। पार्टी द्वारा समय- समय पर दिए गए दायित्वों का निर्वहन इनके द्वारा बखूबी किया गया है। लगातार सक्रियता का लाभ इन्हें मिल सकता है। फिलहाल वे युवा मोर्चा के कोठी मंडल के प्रभारी हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी मंडल के पूर्व अध्यक्ष प्रियंक त्रिपाठी भी भाजयुमो की जिला अध्यक्षी की दौड़ में शामिल हैं। मंडल अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान इनके नेतृत्व क्षमता को पार्टी संगठन ने करीब से देखा। प्रियंक सबको साथ लेकर चलने पर विश्वास रखते हैं।
भाजयुमो के जिला अध्यक्ष के प्रबल दावेदारों में एक नाम मोर्चा के मौजूदा कोषाध्यक्ष अतुल शुक्ला का भी शामिल है। पार्टी के कार्यक्रमों में हमेशा सक्रिय भागेदारी निभाने वाले श्री शुक्ला को युवा मोर्चा में उनकी लगातार सक्रियता का लाभ मिल सकता है।
2028 को ध्यान में रखकर होगी नियुक्ति
भाजयुमो के जिला अध्यक्षों के दावेदारों की ताकत और कमजोरी की बात की जाए तो किसी भी दावेदार का दावा किसी अन्य से किसी भी मायने में कमजोर नहीं है,ज्यादातर दावेदारों के पीछे कहीं न कहीं किसी नेता का हाथ है तो कुछ ऐसे भी युवा चेहरे हैं,जो अपने काम के दम पर जिला अध्यक्ष बनने का सपना पाले हुए हैं। इनका सपना पूरा होगा या नहीं यह तो भविष्य की गर्त में है, पर माना जा रहा है कि 2028 को ध्यान में रखकर भाजयुमो के जिला अध्यक्ष की नियुक्ति होगी।
अध्यक्ष के लिए गुजरात कनेक्शन
भाजयुमो की जिला अध्यक्षी की घोषणा में अभी भले ही लम्बा समय हो लेकिन दावेदारों ने अपने-अपने कनेक्शन बैठाने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो अध्यक्षी के लिए गुजरात से भी जुगाड़ लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भाजयुमो की जिला अध्यक्ष के एक दावेदार ने गुजरात के नवसारी से सांसद एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का जुगाड़ लगाया है। दावेदार का जुगाड़ कितना कारगर होता है यह तो वक्त बताएगा लेकिन अपने कनेक्शन के दम पर वे अध्यक्ष बनने के लिए जरूर आश्वस्त हैं।
इनके नामों की भी चर्चा

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