Fuel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी कम करने से 1 लाख करोड़ का नुकसान होगा। उन्होंने देश को '3F' फॉर्मूले पर फोकस करने की सलाह दी है।

निर्मला सीतारमण फाइल फोटो
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को एक अहम बयान दिया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में कटौती करने से सरकार को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व (Revenue) का भारी नुकसान होगा। इसके साथ ही उन्होंने देश में नकारात्मकता और डर का माहौल बनाने वालों को आड़े हाथों लिया और कहा कि भारत इस समय भय फैलाने का जोखिम बिल्कुल नहीं उठा सकता।
वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। देश में पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा हुआ। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश भर में माल ढुलाई (परिवहन लागत) महंगी होने की आशंका है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की 37वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने वैश्विक संकटों के बीच देश के भीतर फैलाई जा रही निराशा की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का हवाला देते हुए कहा कि कुछ लोग देश के माहौल को नकारात्मक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सीतारमण ने जोर देकर कहा कि आज हमें अपने शब्दों और कार्यों, दोनों के माध्यम से देश के नागरिकों में विश्वास जगाने की सख्त जरूरत है।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और भू-राजनीतिक संकट को करीब तीन महीने होने वाले हैं। इस अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता से निपटने के लिए वित्त मंत्री ने 'थ्री-एफ' (3F) यानी फ्यूल (Fuel - ईंधन), फर्टिलाइजर (Fertilizer - उर्वरक) और फॉरेक्स (Forex - विदेशी मुद्रा भंडार) पर विशेष फोकस करने की अपील की है। उन्होंने वैश्विक दबावों का जिक्र करते हुए माना कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरक (खाद) की कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जबकि सोने की आसमान छूती कीमतें भी बाहरी मोर्चे पर चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।
विपक्ष और आलोचकों पर निशाना साधते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि कुछ लोग मौजूदा वैश्विक स्थिति को इस तरह पेश कर रहे हैं जैसे देश में सब कुछ बिखर रहा हो, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी बेहद सकारात्मक और मजबूत बनी हुई है। देश के सामने जो भी आर्थिक चुनौतियां आ रही हैं, वे आंतरिक कम और बाहरी (वैश्विक) कारणों से कहीं अधिक हैं, जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
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सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस जियो और 4,500 कंपनियों पर लगे प्रतिस्पर्धा-विरोधी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साक्ष्यों के अभाव में आयोग ने इसे एक बड़ा राहत भरा फैसला माना है।
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।

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