केंद्र सरकार ने राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की है। इसके साथ ही, पीएम-वीबीआरवाई योजना के तहत पहले वर्ष में 72 लाख से अधिक युवाओं को औपचारिक रोजगार मिला है। जानिए पूरी विस्तार से जानकारी।

0 प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)
बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
राज्यों की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूत बनाने तथा पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) एवं विकास कार्यों को तेजी से गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण (टैक्स डिवॉल्यूशन) राशि जारी कर दी है। यह राशि 10 अगस्त को जारी होने वाले नियमित मासिक कर हस्तांतरण से पूरी तरह अलग है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 1 अगस्त को यह अतिरिक्त राशि जारी करने का मुख्य उद्देश्य राज्यों की वित्तीय क्षमता को सशक्त करना और उन्हें विभिन्न विकास परियोजनाओं तथा पूंजीगत निवेश में तेजी लाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना है। इस कदम से देश के सभी राज्यों को अपने यहां अधूरी या नई विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
शनिवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अतिरिक्त कर हस्तांतरण में सबसे अधिक राशि उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपए मिली है।
बिहार: 10,845 करोड़ रुपए
मध्य प्रदेश: 8,010 करोड़ रुपए
पश्चिम बंगाल: 7,866 करोड़ रुपए
महाराष्ट्र: 7,022 करोड़ रुपए
राजस्थान: 6,460 करोड़ रुपए
इसके अतिरिक्त, अन्य राज्यों को भी उनकी जरूरत के हिसाब से यह राशि आवंटित की गई है, जिनमें ओडिशा को 4,819 करोड़, आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़, कर्नाटक को 4,504 करोड़, तमिलनाडु को 4,466 करोड़ और झारखंड को 3,660 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को 1,01,603 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की थी, ताकि राज्य पूंजीगत खर्च बढ़ाकर कल्याणकारी योजनाओं को गति दे सकें।
रोजगार सृजन और संगठित श्रम बाजार को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) ने अपने पहले ही वर्ष में शानदार सफलता हासिल की है। इस योजना के लागू होने के पहले वर्ष के दौरान 72 लाख से अधिक पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारी औपचारिक कार्यबल (फॉर्मल वर्कफोर्स) से जुड़े हैं। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई कि यह योजना न केवल सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा रही है, बल्कि नियोक्ताओं (एंप्लॉयर्स) को नए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए भी लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
महिला भागीदारी: इस योजना के कुल लाभार्थियों में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रोत्साहन राशि: योजना के तहत 15 लाख से अधिक लोगों को रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है।
कार्यान्वयन अवधि: यह योजना अगस्त 2025 में घोषित की गई थी और 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगी।
बजट प्रावधान: सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रावधान किया है।
कुल लक्ष्य: इस योजना का मुख्य लक्ष्य कुल 3.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है, जिसमें 1.92 करोड़ पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पंजीकरण और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को रोजगार के साथ जोड़कर, पीएम-वीबीआरवाई देश के संगठित श्रम बाजार को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत बना रही है। यह पहल देश के युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने में बेहद कारगर साबित हो रही है।

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