चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका को गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी जैसे दुर्लभ तत्वों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को 9 नवंबर 2025 से 27 नवंबर 2026 तक निलंबित किया। बुसान में हुए व्यापार समझौते के बाद आया यह फैसला।

बिजनेस डेस्क. बीजिंग. स्टार समाचार वेब
चीन ने अमेरिका को गैलियम, जर्मेनियम और एंटीमनी जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक तत्वों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) ने रविवार को इस फैसले की घोषणा की।
मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह फैसला दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं (Dual-Use Items) पर लागू नियंत्रण उपायों के आंशिक निलंबन से जुड़ा है। यह निलंबन 9 नवंबर 2025 से 27 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा और 'घोषणा संख्या- 46 (2024)' की दूसरी धारा पर लागू होगा।
पहले, इस दूसरी धारा के तहत अमेरिका को इन औद्योगिक पदार्थों (गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी) के निर्यात पर रोक थी, और ग्रेफाइट के निर्यात के लिए सख्त जांच की शर्तें लागू थीं।
वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी निलंबन केवल दूसरी धारा के लाइसेंस और समीक्षा से जुड़ी पाबंदियों पर लागू होगा।
पहली धारा पहले की तरह लागू रहेगी, जो अमेरिकी सेना या सैन्य उपयोग के लिए दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर रोक लगाती है।
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में, चीन ने चेतावनी दी थी कि जो भी संगठन या व्यक्ति चीन में बने दोहरे उपयोग वाले सामानों को अमेरिकी संस्थाओं को अवैध रूप से भेजेगा, उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यह फैसला इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच दक्षिण कोरिया के बुसान में मुलाकात के बाद हुए अहम व्यापार और आर्थिक समझौते के अनुरूप है।
इस समझौते के तहत, चीन ने कई महत्वपूर्ण रियायतें देने पर सहमति जताई है-
दुर्लभ खनिजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को निलंबित करना।
अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ हटाना।
अमेरिकी सोयाबीन, ज्वार और लकड़ी की बड़ी मात्रा में खरीद फिर से शुरू करना।
नेक्सपेरिया की चीन स्थित इकाइयों से व्यापार दोबारा शुरू करने की अनुमति देना।
सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों की जांच खत्म करना।
बदले में, अमेरिका ने भी कुछ कदम उठाने पर सहमति दी है:
फेंटानिल नियंत्रण से जुड़े चीनी आयातों पर लगने वाले कुछ टैरिफ को 10% तक घटाना।
धारा 301 के तहत दी गई टैरिफ छूटों को अगले साल 10 नवंबर तक बढ़ाना।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के कारण देश की शीर्ष 10 में से 5 कंपनियों का मार्केटकैप एक लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया है। जानिए टीसीएस, रिलायंस, एलआईसी और एसबीआई समेत किन कंपनियों को हुआ नफा और नुकसान।
रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है।
भारत में आज शुरुआती कारोबार के चंद मिनटों बाद शेयर बाजार की चाल और बिगड़ गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले।
जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।
टाटा समूह के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले पद छोड़ने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दे दिया है।
बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की ताजा रिपोर्ट मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेसेज लिस्ट 2026 के अनुसार, मुकेश अंबानी का परिवार भारत का सबसे अमीर कारोबारी परिवार बना हुआ है। संपत्ति में 8.5 फीसदी की गिरावट के बावजूद अंबानी परिवार की कुल संपत्ति 25.8 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टूट गया, जबकि निफ्टी नीचे फिसल गया है। निवेशकों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बरकरार है। वहीं एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को घरेलू मांग मजबूत रहने, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिला।
9 अगस्त 2026 को साप्ताहिक अवकाश के कारण सोने और चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत देश के प्रमुख शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने-चांदी की ताजा कीमतें।