दिल्ली में CJP और AISA की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा। प्रशांत भूषण, प्रकाश राज और कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। जानिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के लाइव अपडेट्स।

फाइल
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा ऐलान
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज भी मंच पर उपस्थित रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत ही भारी हंगामे और नारेबाजी के साथ हुई। जैसे ही नेहा बोरा ने बोलना शुरू किया, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ असंतुष्ट तत्वों ने 'बंद करो' के नारे लगाने शुरू कर दिए। माहौल बिगड़ता देख अभिजीत दीपके ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
दीपके ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को जबरन हिरासत में ले रही है। विरोध को दबाने के लिए दिल्ली में मेट्रो सेवाएं और रेलवे आवाजाही प्रभावित की गई है, यहाँ तक कि जम्मू-कश्मीर से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार इतना सब क्यों कर रही है?
वहीं, नेहा ने स्पष्ट किया कि पुलिस की बर्बरता और नेताओं की धरपकड़ से यह जन-आंदोलन रुकने वाला नहीं है। CJP और सहयोगी संगठनों ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के ऐतिहासिक कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराकर विरोध प्रदर्शन करने का औपचारिक ऐलान किया है। इन सभी की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा है।
प्रशांत भूषण बोले- बर्बरता जारी रही, तो सरकार बदलनी होगी
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनता और प्रदर्शनकारियों पर इसी तरह बर्बरता जारी रही, तो देश की जनता को सरकार बदलनी होगी। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अतीत में बार-बार आंदोलन करके ही सत्ता परिवर्तन किया है। लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना कोई अपराध नहीं है। यह देश किसी तानाशाह के फरमान से नहीं चल सकता। लोकतंत्र को बचाने की यह लड़ाई अब सिविल सोसाइटी और युवाओं के हाथों में है।
नाम जोड़ने-काटने का कंट्रोल ज्ञानेश कुमार के हाथ में
चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि 'SIR' प्रक्रिया में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी तय करने का कोई पारदर्शी पैमाना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने का पूरा नियंत्रण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने पास सीमित कर लिया है। दिल्ली में एक केंद्रीय आईटी सेल बनाकर यह तय किया जा रहा है कि किन मतदाताओं का नाम सूची से गायब करना है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान के तहत नागरिकों को देश में कहीं भी शांतिपूर्ण विरोध का मौलिक अधिकार है और सरकार मनमाने ढंग से प्रदर्शन स्थलों को प्रतिबंधित नहीं कर सकती।
23 अक्टूबर से 'पीपुल्स अगेंस्ट SIR' अभियान का ऐलान
प्रशांत भूषण ने घोषणा की कि 23 अक्टूबर से CJP और विभिन्न जनसंगठन मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनके नाम अपने आप वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। जो नागरिक रोजगार या अन्य कारणों से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, वे इस प्रक्रिया को कैसे पूरा करेंगे? चुनाव आयोग जबरन लोगों से फॉर्म-6 भरवाकर यह हलफनामा लेने की कोशिश कर रहा है कि उन्होंने पहले कभी वोट नहीं दिया, जो पूरी तरह अनुचित है।
प्रकाश राज- उडुपी के हजारों आदिवासियों को SIR में मृत बताया
अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि कर्नाटक के उडुपी में हजारों जीवित आदिवासियों को कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है। इन सीधे-साधे लोगों को यह भी जानकारी नहीं थी कि SIR क्या है और उनके नाम सूची से क्यों हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 का दुरुपयोग करके इन गरीबों के मताधिकार छीने हैं। प्रकाश राज ने कहा कि वे इन वंचितों की आवाज उठाने के लिए अगले 3-4 महीनों तक दिल्ली में ही डेरा डालेंगे।
AICP अध्यक्ष बोलीं- आंदोलनकारी नेपाली-पाकिस्तानी नहीं
AICP की अध्यक्ष ईशा ने विरोधी खेमे द्वारा फैलाए जा रहे दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के लोग प्रदर्शनकारियों को नेपाली, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी बताकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन देश की 'जेन जी' (Gen Z), युवाओं और छात्राओं ने अपनी मौजूदगी से साबित कर दिया है कि यह देश के नागरिकों का आंदोलन है। सरकार चाहती है कि युवा अपनी आवाज न उठाएं, इसीलिए जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल पर बैन लगाया गया है।
AISF अध्यक्ष बोले- सरकार के लिए हम कीड़े-मकोड़े हैं
AISF के अध्यक्ष विराज ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकताएं जनता के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त की रक्षा करना बन गई हैं। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक—चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई हो—तिरंगे का सम्मान करता है। लेकिन वर्तमान सरकार तिरंगा उठाने वाले देश भक्तों पर ही हमले करवा रही है। तानाशाही रवैया अपनाने वालों को जवाब देना होगा कि राष्ट्रध्वज लहराना कब से अपराध हो गया? ऐसा लगता है कि हुकूमत के लिए आम नागरिकों की कीमत कीड़े-मकोड़ों से ज्यादा नहीं है।
दीपके- देश गांधी के विचारों और अंबेडकर के संविधान से चलेगा
अभिजीत दीपके ने कहा कि इस पूरी कवायद के पीछे 'वन नेशन, वन पार्टी' और 'वन नेशन, वन लीडर' का विचार थोपने की मंशा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री में औपचारिक इमरजेंसी लगाने की हिम्मत नहीं है, जबकि विदेश यात्राओं के दौरान वे गांधी और नेहरू के देश का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं। दीपके ने बताया कि कल आशुतोष और सौरव को केवल तिरंगा फहराने के कारण पुलिस ने हिरासत में लिया। जो कृत्य अंग्रेजों के शासन में अपराध माना जाता था, आज वही आजाद भारत में दोहराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह देश केवल महात्मा गांधी के विचारों और बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान से ही संचालित होगा।
मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार इतने जरूरी क्यों?
दीपके ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल खड़ा किया कि 2024 के आम चुनाव में INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच केवल 2 प्रतिशत वोटों का अंतर था, जबकि रणनीतिक रूप से 14 प्रतिशत वोट सूची से डिलीट कर दिए गए। यदि चुनाव निष्पक्ष हुए हैं और चुनाव आयुक्त की कोई संलिप्तता नहीं है, तो सरकार ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए इतनी व्याकुल क्यों है?
ज्ञानेश कुमार के लिए पूरी दिल्ली बंद कर दी
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही दीपके ने सरकार के कड़े रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की कोशिश को कानून-व्यवस्था का उल्लंघन बताकर पूरी दिल्ली को सील कर दिया गया है। ऐसा लग रहा है मानो राजधानी को भारत-पाकिस्तान सीमा में बदल दिया गया हो। उन्होंने जनता से सोचने की अपील की कि एक प्रशासनिक अधिकारी को बचाने के लिए पूरी दिल्ली की जनता को तकलीफ में क्यों डाला जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने बाराखंभा से SC तक विरोध मार्च पर राहुल गांधी और कांग्रेस को नोटिस जारी किया है। CJI सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी करते हुए CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
दिल्ली में CJP और AISA की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा। प्रशांत भूषण, प्रकाश राज और कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। जानिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के लाइव अपडेट्स।
धर्म बदलने पर आरक्षण का लाभ लेने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति का सामाजिक पिछड़ापन हिंदू सामाजिक व्यवस्था से गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि धर्म बदलने पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के इंडिया गेट से हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे की हिरासत के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस से तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा की है। सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में यह आह्वान किया गया है।
केंद्र सरकार ने दीवाली और त्योहारों के सीजन में रेलवे के 11.40 लाख से अधिक नॉन-गैजेटेड कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस (PLB) का ऐलान कर दिया है। जानिए कितना मिलेगा पैसा और क्या है कर्मचारियों की पुरानी मांग।
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी नीला ड्रम केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा दी है। जानिए मामले से जुड़ी पूरी विस्तार से जानकारी।
पराली जलाने का मौसम चरम पर पहुंचने से पहले केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र को सख्त निर्देश दिए हैं। केंद्र ने इन राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मिशन मोड में काम करने को कहा है।
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हो गया। बीती देर रात गंगा नदी पार करते समय एक छोटी नाव पलट गई, जिससे 13 बच्चों की मौत हो गई। मरने वाले सभी बच्चों की उम्र 6 से 18 वर्ष के बीच है। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार की 7 बच्चियों की जान चली जाने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह