सतना जिले में दस्तक अभियान का समापन नजदीक है लेकिन लक्ष्य से विभाग पीछे है। 3 दिन में 30 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग बाकी। रिपोर्ट में एनीमिया, कुपोषण और डायरिया जैसे गंभीर मामले उजागर हुए हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
दस्तक अभियान को समाप्त होने में मात्र 3 दिन शेष हैं लेकिन अभी भी चुनौती बाकी है। अभियान के लक्ष्य अंतर्गत करीब तीस हजार से और जांच पेंडिंग है। दस्तक अभियान में सतना-मैहर जिले में 0 से 5 साल के अधिकतर बच्चे एनीमिया से ग्रसित पाए गए हैं। ये हकीकत हम नहीं बल्कि दस्तक अभियान की रिपोर्ट बयां कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक जिले भर में 10 प्रतिशत बच्चे सीवियर एनिमिक से पीड़ित पाए गए हैं जिनका पीसीटी ब्लड टेस्ट भी किया गया। गौरतलब है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 5 साल के बच्चों की स्क्रीनिंग कर उनमे निमोनिया, कुपोषण, एनीमिया, डायरिया, विटामिन ए एवं अन्य शारीरिक बीमारियों की पहचान किया जाना था। अति गंभीर बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया जाना था। छूटे हुए बच्चों का बाद में मोप-अप राउंड में घर भेट आधारित कार्यक्रम में स्क्रीनिंग की जाएगी। उलेखनीय है कि सतना-16 सितम्बर यानि 45 दिन तक चलने वाले दस्तक अभियान में जिले के 2 लाख 97 हजार 234 बच्चों की स्क्रीनिंग का डाटा फीड किया गया था। प्राथमिकता में 2 लाख 22 हजार 26 बच्चों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया जांच हो पाई है। अभियान रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग था, जिसमे 1 लाख 83 हजार 302 बच्चों की ही 724 बच्चे अभी भी वंचित के लिए इस लक्ष्य को 3 दिन में करना चुनौती भी है।
अमरपाटन क्षेत्र की प्रगति सबसे कम
दस्तक अभियान के आंकड़ों के मुताबिक 9 सितम्बर तक लक्ष्य अनुसार 83 फीसदी बच्चों की ही स्क्रीनिंग हो पाई है। जिले के आठों विकासखण्ड की बात करें तो सबसे कम प्रगति अमरपाटन क्षेत्र की है जहां अभी तक लक्ष्य अनुरूप केवल 62 फीसदी बच्चों की ही स्क्रीनिंग हो पाई है। सतना में 43 हजार 642 में से अभी तक 38 हजार 389 बच्चों की स्क्रीनिंग कर जांच की गई। इसी प्रकार अन्य विकासखंड में अमरपाटन में 24 हजार 332 के लक्ष्य में से 15 हजार 26, मझगवां में 29 हजार 699 में 22 हजार 904, मैहर में 38 हजार 306 में 36 हजार 59, नागौद में 22 हजार 394 में 19 हजार 629, रामनगर में 15 हजार 106 में 13 हजार 289, रामपुर बघेलान में 28 हजार 97 में 19 हजार 210, उचेहर में 20 हजार 450 में से 18 हजार 796 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
255 बच्चे अति कुपोषण के दायरे में
दस्तक रिपोर्ट के अनुसार 41 दिन में 571 बच्चे सीवर एनिमिक से पीड़ित पाए गए, जिनमे से 45 बच्चों का पीसीटी ब्लड टेस्ट भी किया गया। आंकड़ों पर गौर करें तो एनीमिया से पीड़ित 437 बच्चे उचेहरा ब्लॉक में सर्वाधिक मिले हैं। अति कुपोषण के दायरे में 255 बच्चे पाए गए। इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर इलाज की सलाह दी गई। जिले में 6514 बच्चे डायरिया से पीड़ित एवं 533 बच्चे सीवियर निमोनिया से ग्रसित मिले। इसके अलावा जिले भर के 1 लाख 61 हजार 613 बच्चों को विटामिन-ए का घोल, 1 लाख 75 हजार 148 को ओआरएस के दो पैकेट एवं 1 लाख 73 हजार 478 बच्चों को 14 जिंक की टेबलेट बांटी गई।
ये हैं टारगेट


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