जानिए कैसे डोपामाइन आपके दिमाग को प्रभावित करता है और फोन की लत का कारण बनता है। स्वस्थ तरीकों से इसे नियंत्रित करने का उपाय भी जानें।

सिडनी | स्टार समाचार वेब
क्या आपने कभी महसूस किया है कि आप मोबाइल फोन को बार-बार अनजाने में उठा लेते हैं? या सोशल मीडिया पर एक के बाद एक रील्स स्क्रॉल करते जाते हैं, चाहे आप थक भी चुके हों? इसका सीधा संबंध है हमारे मस्तिष्क में पाए जाने वाले एक रासायनिक संदेशवाहक - डोपामाइन से।
सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की मनोवैज्ञानिक अनास्तासिया ह्रोनिस बताती हैं कि डोपामाइन वह तत्व है जो हमें लत जैसे व्यवहार की ओर ले जाता है - जैसे फोन देखते रहना, बार-बार इंस्टाग्राम या यूट्यूब खोलना, या ऑनलाइन शॉपिंग में संतोष ढूंढना।
क्या है डोपामाइन?
डोपामाइन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के बीच संचार करता है। यह हमारे मूड, हरकतों, याददाश्त, ध्यान और यहां तक कि गुर्दे के कार्य को भी प्रभावित करता है। आमतौर पर इसे ‘प्लीज़र केमिकल’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह हमें खुशी और संतुष्टि के क्षणों में सक्रिय होता है — जैसे स्वादिष्ट भोजन करते समय, कोई लक्ष्य हासिल होने पर, या प्यार में पड़ने पर।
लेकिन डोपामाइन केवल आनंद के क्षणों में ही सक्रिय नहीं होता। यह उस समय भी सक्रिय होता है जब हम आनंद की उम्मीद करते हैं। यही वजह है कि जब हम किसी पुराने कैफे के पास से गुजरते हैं, तो वहां की पुरानी यादें — जैसे वहां खाया गया स्वादिष्ट डोनट — हमें फिर से वहां जाने और खाने के लिए प्रेरित करती हैं।
विकास का वरदान, आधुनिक जीवन की चुनौती
डोपामाइन ने विकास की दृष्टि से इंसान को जीवित रहने में मदद की — भोजन, सुरक्षा और साथी खोजने के लिए प्रेरित किया। लेकिन आज की तकनीकी दुनिया में यही डोपामाइन अनियंत्रित हो गया है। सोशल मीडिया, वीडियो गेम्स, पोर्नोग्राफी, जुआ और शराब जैसी चीजें डोपामाइन के स्राव को लगातार बढ़ाती हैं। परिणामस्वरूप हम लत और बाध्यकारी व्यवहार के शिकार बनते जा रहे हैं।
हर किसी का डोपामाइन स्तर अलग
हमारे डोपामाइन का स्तर जैविक और पर्यावरणीय कारकों पर निर्भर करता है। हमारी आनुवंशिक संरचना, नींद, खान-पान और तनाव का स्तर इसे प्रभावित करता है। इसलिए, हर व्यक्ति एक ही अनुभव में अलग-अलग मात्रा में आनंद महसूस कर सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर आप सुबह-सुबह कोई मोबाइल गेम खेलते हैं और फिर बाद में अपनी पसंदीदा चाय पीते हैं, तो हो सकता है कि चाय उतनी संतुष्टि न दे, जितनी सामान्यतः देती। क्योंकि आपका मस्तिष्क पहले ही डोपामाइन से भर चुका होता है।
समाधान क्या है?
इस लत से बाहर निकलना मुश्किल जरूर है, लेकिन असंभव नहीं। डोपामाइन के स्तर को प्राकृतिक और सकारात्मक तरीकों से भी बढ़ाया जा सकता है:
ये सभी गतिविधियाँ हमारे मस्तिष्क को प्राकृतिक रूप से डोपामाइन रिलीज करने में मदद करती हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और तकनीकी लत से बाहर निकलने में सहायता मिलती है।
डोपामाइन हमारे मस्तिष्क का शक्तिशाली घटक है - यह हमें प्रेरित करता है, आनंद देता है और लक्ष्य की ओर बढ़ाता है। लेकिन जब हम इसे केवल त्वरित संतुष्टि के लिए उपयोग करने लगते हैं, तो यह लत का कारण बन सकता है। ज़रूरत है संतुलन की -
और कुछ स्वस्थ आदतों को अपनाने की जो हमें सच्चे और स्थायी आनंद की ओर ले जाएं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
बारिश के मौसम में बिना धूप के कपड़े झटपट सुखाने के आसान उपाय। जानें वॉशिंग मशीन स्पिन, हैंगर, पंखे और प्रेस के इस्तेमाल से जुड़े बेहतरीन लाइफस्टाइल टिप्स।
बारिश का मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। मानसून में अपनी सेहत, खानपान और त्वचा का खास ख्याल कैसे रखें, जानें इससे जुड़े बेहतरीन लाइफस्टाइल टिप्स।
जानिए 5 बेहतरीन हाई फाइबर आटे जैसे जौ, बाजरा, रागी, चना और ओट्स, जो पाचन सुधारने, वजन कंट्रोल करने और सेहत बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
जानिए दिनचर्या में समय प्रबंधन (Time Management) का क्या महत्व है। उत्पादकता बढ़ाने, तनाव कम करने और सफलता पाने के लिए समय नियोजन के प्रभावी टिप्स।
डिजिटल दौर और भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में किताबों का महत्व कम हो गया है। जानें कि कैसे किताबें आपके तनाव को कम कर सकती हैं और मानसिक शांति के लिए पठन-पाठन क्यों जरूरी है।
बेहतर नींद और स्वस्थ जीवनशैली के लिए सोने की सही मुद्रा, स्लीप हाइजीन और वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानें। आज ही अपनाएं ये आदतें
क्या आप भी देर रात खाना खाते हैं? जानिए देर रात भोजन करने से पाचन, वजन और नींद पर क्या असर पड़ता है और स्वस्थ रहने के लिए भोजन का सही समय क्या है।
क्या आप स्वस्थ रहना चाहते हैं? प्रोटीन, विटामिन और फाइबर से भरपूर डाइट के फायदे और इसे अपने जीवन में शामिल करने के आसान तरीके जानें इस लेख में।
क्या आपके रिश्तों में खटास आ रही है? किसी और को बदलने से पहले अपना आत्म-आकलन करना क्यों जरूरी है? जानें स्वस्थ संबंधों के लिए आत्म-चिंतन के तरीके।
मानसून के मौसम में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए जानें खान-पान, स्वच्छता और लाइफस्टाइल से जुड़ी खास टिप्स।