अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे मुकदमे के निपटारे पर सहमति दी है।

वॉशिंगटन। बिजनेस डेस्क
स्टार समाचार वेब
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) और भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी व उनके भतीजे सागर अदाणी के बीच जारी कानूनी विवाद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ा है। अदालत के नवीनतम दस्तावेजों के अनुसार, एसईसी ने दोनों से जुड़े मुकदमे के निपटारे (Settlement) पर सहमति जता दी है। इस प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों उद्योगपति जुर्माना भरने के लिए राजी हो गए हैं, हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों या किसी भी प्रकार के अपराध को स्वीकार नहीं किया है।
यह पूरा मामला वर्ष 2024 के अंत में दर्ज किए गए एक मुकदमे से जुड़ा है। अमेरिकी अभियोजकों और एसईसी का आरोप था कि गौतम अदाणी और उनके सहयोगियों ने भारत में सौर ऊर्जा (Solar Energy) के बड़े अनुबंध हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को करोड़ों डॉलर की रिश्वत देने की साजिश रची थी। आयोग का दावा था कि अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Limited) ने अमेरिकी निवेशकों से अरबों डॉलर का फंड जुटाया था। फंड जुटाते समय निवेशकों को यह भरोसा दिलाया गया था कि कंपनी के पास भ्रष्टाचार-रोधी बेहद मजबूत नीतियां हैं और वरिष्ठ प्रबंधन रिश्वतखोरी के सख्त खिलाफ है, जबकि असलियत में यह जानकारी अमेरिकी निवेशकों से छिपाई गई।
अमेरिकी अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, इस कानूनी मामले को बंद करने के लिए जो समझौता हुआ है, गौतम अदाणी को 6 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरेंगे। सागर अदाणी को 1.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान करेंगे।
एसईसी ने पहले स्पष्ट किया था कि यह मामला अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों के धोखाधड़ी-रोधी प्रावधानों (Anti-Fraud Provisions) के उल्लंघन से संबंधित है। हालांकि, इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि जुर्माना भरने के बावजूद अदाणी समूह या दोनों उद्योगपतियों ने कानूनी तौर पर इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने इन सभी आरोपों को पहले ही पूरी तरह से निराधार और गलत बताते हुए खारिज कर दिया था। इस ताजा घटनाक्रम के बाद जब बृहस्पतिवार को गौतम अदाणी और सागर अदाणी के वकीलों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब सामने नहीं आया है।

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जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।
टाटा समूह के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले पद छोड़ने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दे दिया है।
बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की ताजा रिपोर्ट मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेसेज लिस्ट 2026 के अनुसार, मुकेश अंबानी का परिवार भारत का सबसे अमीर कारोबारी परिवार बना हुआ है। संपत्ति में 8.5 फीसदी की गिरावट के बावजूद अंबानी परिवार की कुल संपत्ति 25.8 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टूट गया, जबकि निफ्टी नीचे फिसल गया है। निवेशकों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बरकरार है। वहीं एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को घरेलू मांग मजबूत रहने, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिला।
9 अगस्त 2026 को साप्ताहिक अवकाश के कारण सोने और चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत देश के प्रमुख शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने-चांदी की ताजा कीमतें।