सतना जिले के मझगवां और चित्रकूट क्षेत्र में शराब और गांजे की अवैध बिक्री खुलेआम जारी है। महिलाएं और छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, लेकिन प्रशासन और राजनैतिक दल मौन हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर रोक नहीं लगी तो आंदोलन होगा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
आदिवासी बाहुल्य मझगवां क्षेत्र इन दिनों शराब और गांजा की अवैध बिक्री को लेकर गंभीर चचार्ओं में घिरा हुआ है। सरकार द्वारा तयशुदा सुरा दुकानों के बावजूद गांव-गांव में खुलेआम शराब और गांजा बेचा जा रहा है। हालात यह हैं कि मझगवां विकासखंड के केल्हौरा, महतैन, अर्जुनपुर, नकैला, लालपुर, पड़री सहित कई गांवों में जहां जरूरी दवाएं मिलना मुश्किल है, वहीं शराब की उपलब्धता की गारंटी दी जा सकती है। इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में अवैध धंधा फल-फूल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। वहीं पुलिस और आबकारी विभाग की निष्क्रियता से शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शराब और गांजे की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। क्षेत्र की महिलाएं और युवतियां भी इसके विरोध में सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही हैं। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वह इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज न करे और तत्काल प्रभाव से मझगवां क्षेत्र में शराब और गांजा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करे, वरना आने वाले समय में यह सामाजिक संकट और भी विकराल रूप धारण कर सकता है।
महिलाओं और छात्राओं पर बढ़ रहा संकट
इस अवैध धंधे का सबसे बुरा असर महिलाओं और छात्राओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के नशे में धुत युवक रास्तों में छींटाकशी करते हैं, जिससे महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कई बार अनहोनी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
शराब- गांजे की बिक्री बेधड़क
सूत्रों के मुताबिक, मझगवां क्षेत्र में मध्यप्रदेश के लाइसेंसी शराब दुकानदारों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से आने वाले शराब तस्कर भी सक्रिय हैं। ये तस्कर अपने कर्मचारियों के माध्यम से बाइक और चार पहिया वाहनों से शराब गांव-गांव पहुंचा रहे हैं। इस अवैध सप्लाई चेन को न तो पुलिस रोक रही है, न ही आबकारी विभाग कार्रवाई करने को तैयार दिखता ह, जबकि अवैध शराब के कारोबार को नियंत्रित करने विभाग ने यहां आबकारी निरीक्षक को निरीक्षक संजय साकेत बताया जाता है कि मझगवां, चौरहा के अलावा क्षेत्र की शराब दुकानों से भी पैकारी के लिए शराब गांवों में भेजी जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब यही शराब कारोबारी गांजे की भी खुलेआम बिक्री कर रहे हैं। हाल ही में लालपुर गांव में गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई, लेकिन कार्रवाई केवल दिखावटी रही। आरोप है कि भारी मात्रा में गांजा जब्त होने के बाद भी किसी प्रभावशाली व्यक्ति पर हाथ नहीं डाला गया।
धर्मनगरी चित्रकूट में भी नशे का कारोबार
यूं तो सरकार ने चित्रकूट को शराब मुक्त करने के लिए धर्मनगरी में शराब बंदी कर रखी है और धर्मनगरी के आसपास शराब दुकान के लायसेंस नहीं दिए हैं, बावजूद इसके चित्रकूट में गली-गली शराब की पैकारी हो रही है। यहां उप्र के शराब तस्कर धड़ल्ले से शराब की बिक्री कामतन , रजौला, नयागांव समेत कई मोहल्लों में करा रहे हैं जिससे धर्मनगरी का माहौल भी अराजक हो रहा है।
सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों मौन
हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र के सामाजिक माहौल को बिगाड़ने वाले इस गंभीर मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। वहीं विपक्षी नेता भी इस मुद्दे पर कुछ कहने से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। लोगों को ऐसा महसूस हो रहा है कि मझगवां और चित्रकूट क्षेत्र में शराब के इस अवैध धंधे को सत्ता, प्रशासन और राजनैतिक दलों का संरक्षण प्राप्त है।

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