लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली में INDI ब्लॉक की पहली बैठक हुई। ममता बनर्जी की पहल पर आयोजित इस बैठक में 23 दल शामिल हुए, जबकि आंतरिक मतभेदों के चलते AAP और DMK ने दूरी बनाए रखी।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद विपक्षी गठबंधन 'INDI ब्लॉक' की पहली औपचारिक और बेहद महत्वपूर्ण बैठक देश की राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। हाल ही में चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद यह विपक्ष का पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन था।
इन विधानसभा चुनावों के मिले-जुले नतीजों के बीच यह बैठक बुलाई गई थी, जहाँ एक तरफ केरल और तमिलनाडु में गैर-भाजपा दलों ने जीत दर्ज की, वहीं पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना परचम लहराया। पुडुचेरी में भी भाजपा ने अपने सहयोगी 'ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस' के साथ सत्ता बरकरार रखी, जिसे विपक्ष के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा गया।
यह बैठक तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के विशेष आग्रह पर बुलाई गई थी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में लगातार 15 सालों तक सत्ता में रहने के बाद टीएमसी को हालिया विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद से पार्टी के भीतर भी अंदरूनी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। गठबंधन के साथ टीएमसी के रिश्ते हमेशा उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं और पार्टी ने राज्य में लोकसभा चुनाव भी अकेले ही लड़ा था। बैठक के समापन के बाद सभी नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया।
बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी आगंतुक नेताओं का स्वागत किया और चर्चा का मुख्य एजेंडा सामने रखा। इस बैठक में विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरने के लिए कई गंभीर मुद्दों पर रणनीति बनाई, यह रहे प्रमुख मुद्दे-
केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED/CBI) का कथित दुरुपयोग
गैर-भाजपा राज्य सरकारों के साथ केंद्र का सौतेला व्यवहार
महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण की नीतियां
हाल ही में हुए पेपर लीक मामले और केंद्र सरकार की "कमजोर" विदेश नीति
विपक्षी गठबंधन की इस बैठक में कुल 23 राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए। वहीं अन्य प्रमुख नेताओं में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ वामपंथी दलों के शीर्ष नेता मौजूद रहे। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
एक तरफ जहाँ विपक्ष एकजुटता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन की दरारें भी साफ नजर आईं। तमिलनाडु में एक कार्यकाल के बाद सत्ता से बाहर हुई द्रमुक (DMK) ने कांग्रेस पर "धोखेबाजी" का आरोप लगाते हुए इस बैठक का पूरी तरह से बहिष्कार किया। दरअसल, चुनाव के बाद कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए नई नवेली पार्टी टीवीके (TVK) के साथ हाथ मिला लिया है, जिससे डीएमके नाराज है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) भी इस बैठक से नदारद रही।
विपक्ष की इस बैठक से ठीक पहले दिल्ली की सियासत उस वक्त गरमा गई जब कई प्रमुख चौराहों पर राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए पोस्टर चस्पा कर दिए गए। इन पोस्टरों में खुद विपक्षी गठबंधन के बड़े नेताओं द्वारा अतीत में राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ दिए गए तीखे बयानों को दर्शाया गया था। पोस्टरों में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, ममता बनर्जी, द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के पुराने बयानों का हवाला देकर कांग्रेस पर तंज कसा गया था।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
पीएम मोदी ने ओडिशा के खुर्दा में RBI के अत्याधुनिक डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। मुंबई सेंटर पर संकट आने पर भी UPI, RTGS और बैंकिंग सेवाएं ठप नहीं होंगी।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर और AI के इस्तेमाल की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है। जयराम रमेश ने कहा कि आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) में हुई केंद्रीयकृत हेराफेरी को छुपा रहा है।
अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में 11,200 मेगावाट की सियांग अपर प्रोजेक्ट के विरोध में हिंसा भड़की। एनएचपीसी ऑफिस और पुलिस थाने में आगजनी के बाद केंद्र ने 250 RAF जवानों को एयरलिफ्ट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 139वीं कड़ी के जरिए देश और दुनिया के लोगों से अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने अंगदान के महत्व, आईआईटी मद्रास के ब्रेन सेंटर, ई-संजीवनी स्वास्थ्य सेवा, और वोकल फॉर लोकल अभियान पर विशेष रूप से जोर दिया।
केंद्र सरकार ने तय सीमा से अधिक कीमत पर दवाएं बेचने वाली कंपनियों पर कुल 10,029.8 करोड़ का जुर्माना (ओवरचार्जिंग रिकवरी आर्डर) लगाया था। हालांकि, इसमें से अब तक केवल 1,582.4 करोड़ की ही वसूली हो सकी है, जबकि 8,447.4 करोड़ की राशि अभी भी वसूल की जानी बाकी है।
चक्रवात अर्णव धीरे-धीरे भयावह रूप ले रहा है। मौसम प्रणाली अवदाब में बदल चुकी है। आज शाम तक इसके गहरे अवदाब और सोमवार को चक्रवात में तब्दील होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के अनुसार, समुद्र में और ताकत जुटाने के बाद यह अत्यंत भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है।
हरियाणा के नूंह में देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फिरोजपुर झिरका में एक सगाई समारोह से लौट रहे युवकों की इको कार को तेज रफ्तार ट्रॉले ने सीधी टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में कार सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति वित्त वर्ष 2026-27 में क्रिप्टोकरेंसी, बैंकिंग, महंगाई, एआई और टैक्स सुधारों समेत 46 अहम मुद्दों की समीक्षा करेगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीएमएलए के तहत बनीत सिंह तलवार को नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद की फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर भेजा है।
जल निकायों की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला। शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों को आर्द्रभूमियों की जमीनी जांच कर सीमाएं तय करने के लिए 4 महीने का समय दिया और कहा कि पानी जीवन के अधिकार से जुड़ा है।