अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के 20वें दिन सऊदी अरब की सैमरेफ रिफाइनरी पर हमला हुआ। यनबू पोर्ट और खाड़ी के तेल ठिकानों पर ड्रोन अटैक के बाद तनाव चरम पर है।

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मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के 20वें दिन हिंसा की आग सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों तक पहुँच गई है। सऊदी अरब के महत्वपूर्ण यनबू पोर्ट स्थित सैमरेफ (SAMREF) तेल रिफाइनरी पर भीषण हवाई हमला हुआ है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति चरमराने का खतरा पैदा हो गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण यनबू पोर्ट वर्तमान में तेल निर्यात का मुख्य केंद्र बना हुआ था। ताजा हमलों ने न केवल सऊदी बल्कि UAE और कतर के तेल-गैस संयंत्रों को भी अपनी चपेट में लिया है। गौरतलब है कि ईरान ने हाल ही में इन देशों को चेतावनी दी थी कि वे अपने तेल ठिकानों को खाली कर दें।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा.. "हमारे सब्र का इम्तिहान न लें। सऊदी अरब के पास ईरान के दुस्साहस का जवाब देने की पूरी सैन्य क्षमता है। ये हमले सोची-समझी साजिश का हिस्सा लगते हैं और इन्हें तुरंत रुकना चाहिए।"
युद्ध की तपिश अब सात समंदर पार अमेरिका तक पहुँच गई है। वॉशिंगटन स्थित फोर्ट लेसली जे. मैकनेयर सैन्य बेस के ऊपर कई संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इसी बेस के भीतर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ठहरे हुए हैं।
सुरक्षा अलर्ट: संदिग्ध गतिविधियों के बाद अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकानों पर सुरक्षा स्तर बढ़ाकर 'चार्ली' (Charlie) कर दिया है।
हाई अलर्ट पर बेस: न्यू जर्सी के जॉइंट बेस मैकग्वायर-डिक्स-लेकहर्स्ट और फ्लोरिडा के मैकडिल एयर फोर्स बेस पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
दूतावासों को चेतावनी: दुनियाभर में मौजूद अमेरिकी दूतावासों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है।
युद्ध के बीच ईरान की परमाणु क्षमता को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर ही विरोधाभास उभर आया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू नहीं किया है।
गबार्ड का यह दावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस तर्क को चुनौती देता है, जिसमें उन्होंने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को वर्तमान युद्ध का मुख्य कारण बताया था। गबार्ड के अनुसार, 2025 में हुए हमलों के बाद ईरान की परमाणु ताकत लगभग समाप्त हो चुकी है। हालांकि, डेमोक्रेटिक नेता मार्क वार्नर ने गबार्ड पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू। अमेरिका, कतर और ईरान की मध्यस्थता में हुआ समझौता। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर दी सख्त चेतावनी, कहा- ईरान की सैन्य ताकत खत्म हो चुकी है।
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता अचानक रद्द। लेबनान में जारी सैन्य हमलों और इजरायली मंत्री इतामार बेन गवीर के विवादित बयान के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर। जानें पूरी घटना।
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अमेरिका और ईरान के बीच हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता। जानिए 300 अरब डॉलर की आर्थिक मदद, परमाणु कार्यक्रम और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने से जुड़ी इस डील की पूरी डिटेल।
फ्रांस में G7 समिट के आखिरी दिन लेबनान में सीजफायर की मांग की गई। अमेरिका-ईरान डील को मिडिल ईस्ट के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। जानिए पूरी अपडेट।
फ्रांस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते को निष्पक्ष बताया और परमाणु हथियारों पर सख्त रुख अपनाया। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
अमेरिका-ईरान के बीच बीते दिन शांति समझौते की घोषणा की गई, लेकिन अब इसमें पेंच फंसता नजर आ रहा है। महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान ने जिस भारी भरकम फंड 300 अरब डॉलर की मांग की है, उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत स्लोवाकिया पहुंचे। इस दौरान वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। स्विट्जरलैंड में इस डील पर साइन होंगे। इसमें स्ट्रेट आफ होर्मुज को फिर से खोलने और व्यापार फिर से शुरू करने का एलान भी शामिल है। होर्मुज से शिपिंग फिर से शुरू होने या सामान्य होने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी।

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