ईरान के कतर स्थित रास लफान गैस प्लांट पर हमले से भारत की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है। 20% गैस आयात रुकने से बिजली और उद्योगों पर संकट मंडरा रहा है।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20263:58 PM
नई दिल्ली/दोहा। स्टार समाचार वेब
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध की लपटें अब भारत की रसोई और औद्योगिक पहियों तक पहुँच गई हैं। ईरान द्वारा कतर के रास लफान (Ras Laffan) स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस संयंत्र पर किए गए विनाशकारी मिसाइल हमले ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को हिलाकर रख दिया है। इस हमले के बाद कतर से होने वाली एलएनजी (LNG) सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे भारत में ईंधन का एक बड़ा और गहरा संकट खड़ा होने का डर सता रहा है।
भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों के लिए कतर पर अत्यधिक निर्भर है। रास लफान प्लांट कतर का मुख्य निर्यात केंद्र है, जहाँ से भारत को भारी मात्रा में गैस भेजी जाती है।
सप्लाई में गिरावट: इस हमले के कारण भारत के कुल गैस आयात का 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है।
दैनिक नुकसान: तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, रोजाना होने वाली 47.4 MMSCMD (मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन) की सप्लाई अचानक शून्य हो गई है।
गैस की इस भारी किल्लत का सबसे पहला और घातक असर देश के पावर सेक्टर (Power Sector) और फर्टिलाइजर (खाद) कारखानों पर पड़ने वाला है।
औद्योगिक चक्का जाम: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हो सकती है।
खेती पर असर: खाद कारखानों को गैस न मिलने से यूरिया उत्पादन प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर भविष्य में फसलों और किसानों पर पड़ेगा।
महंगाई की मार: घरेलू पीएनजी (PNG) और गाड़ियों के लिए इस्तेमाल होने वाली सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी भारी उछाल की आशंका जताई जा रही है।
ईरान और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को एक युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है। यह रास्ता वैश्विक तेल और गैस व्यापार की लाइफलाइन है। वर्तमान में यहाँ जहाजों की आवाजाही 'हाई अलर्ट' पर है, जिससे कतर से निकलने वाले कार्गो जहाजों का रास्ता बंद हो गया है।
भारत की रणनीति: भारत सरकार अब वैकल्पिक देशों जैसे अमेरिका, कतर के विकल्प के रूप में ऑस्ट्रेलिया और यूएई से तुरंत गैस खरीदने की संभावनाएं तलाश रही है, ताकि 'एनर्जी कोलैप्स' (ऊर्जा तंत्र के ढहने) की स्थिति को टाला जा सके।