मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव। ईरान का जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा, जबकि अमेरिका ने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने हाल ही में एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ईंधन भरने वाले टैंकरों को निशाना बनाया है। सरकारी मीडिया को जारी बयान के अनुसार, इस हमले में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। ईरान का दावा है कि इस हमले में न केवल कई अमेरिकी विमान नष्ट हुए हैं, बल्कि अमेरिकी स्पेशल फोर्स के कई जवान भी हताहत हुए हैं।
इसके अलावा, ईरान ने कुवैत में भी कई स्थानों पर हमले करने की पुष्टि की है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम' (HIMARS) और मिसाइल प्लेटफॉर्म्स को भारी नुकसान पहुँचा है। ईरान का आरोप है कि इन क्षेत्रों में अमेरिकी सेना के साथ-साथ इजरायल समर्थित लड़ाके भी सक्रिय हैं, जिन्हें निशाना बनाया गया।
ईरान का यह सैन्य अभियान केवल जॉर्डन और कुवैत तक सीमित नहीं रहा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उत्तरी इराक के कुर्द बहुल क्षेत्रों और सीरिया में स्थित अमेरिकी विशेष अभियान कमान केंद्रों पर भी भीषण मिसाइल हमले किए हैं। इतना ही नहीं, कतर सहित मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के अन्य सहयोगी देशों में भी ईरान द्वारा नए मिसाइल हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का स्तर चरम पर पहुँच गया है।
ईरान के हमलों के जवाब में अमेरिका ने भी अपनी आक्रामक रणनीति अपनाते हुए ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि होर्मुज जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए अमेरिका किसी भी हद तक जा सकता है।
ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि अमेरिकी हवाई हमलों के कारण उसके बिजली ग्रिड और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों में भीषण गर्मी के बीच जनता से बिजली की खपत कम करने की अपील की है। हालाँकि मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि हमले में बिजली संयंत्रों को सीधे निशाना बनाया गया है या बिजली लाइनों को, लेकिन यह पहली बार है जब तेहरान ने अपने ऊर्जा ढांचे पर हमले की बात स्वीकार की है।
होर्मुज जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह सीधा सैन्य टकराव न केवल मध्य पूर्व की शांति के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और सुरक्षा स्थितियों पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल अमेरिका ने ईरान के इन दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, जिससे स्थिति और भी अधिक रहस्यमयी और तनावपूर्ण बनी हुई है।
मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव। ईरान का जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा, जबकि अमेरिका ने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज चुनाव सुरक्षा पर राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। ट्रम्प ने कहा कि उनकी सरकार चुनाव सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक यानी डिक्लासिफाई कर रही है।
अमेरिकी सेना ने ईरान के ग्रेटर टुनब द्वीप पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अमेरिकी सीनेट में पेश नए बिल से रूस से तेल खरीदने वाले देशों की चिंता बढ़ी है। भारत समेत रूस से कच्चा तेल लेने वाले देशों पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव है। जानें क्या है यह पूरा मामला और भारत पर इसका असर।
अमेरिका ने बीती रात लगातार चौथे दिन ईरान पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, करीब सात घंटे तक चले आपरेशन में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक संसाधनों और कोस्टल डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।
ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजरते समय दो राष्ट्रीय टैंकरों मोम्बासा और अल बहिया पर दो ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इस हमले के कारण मोम्बासा टैंकर पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई।
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका जंग के बीच रूस ने अपना रहस्यमयी 'Tu-214PU' कमांड विमान तेहरान भेजा है। जानिए क्या है यह 'डूम्सडे प्लेन' और क्यों माना जा रहा है इसे रूस का बड़ा रणनीतिक कदम।
मिडिल-ईस्ट के कई देश अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग की चपेट में आ गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया है कि इस हमले में इजरायल के पड़ोसी देश जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस के कमांड सेंटर और ड्रोन हैंगर्स को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आधी रात एक बार में आग लगने से 27 लोग जिंदा जल गए। जबकि 63 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग लगने की वजह बिजली के सिस्टम में खराबी बताया जा रहा है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास स्पीडबोट हादसे में बचे 16 भारतीय पर्यटक स्वदेश लौट रहे हैं। हादसे में 15 भारतीयों की जान गई थी। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

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