इजरायल में 27 अक्टूबर को 120 सीटों वाली संसद (नेसेट) के लिए मतदान होने जा रहा है। जानिए मौजूदा सत्ता-विपक्ष के आंकड़े, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट की चुनौती, ओपिनियन पोल के अनुमान और चुनाव के मुख्य मुद्दे।

इजरायल। स्टार समाचार वेब
युद्ध, राजनीतिक मतभेद और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों के बीच इजरायल में 27 अक्टूबर को संसद (नेसेट) की 120 सीटों के लिए मतदान होने जा रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट विपक्षी दलों को एकजुट कर उन्हें सत्ता से बेदखल करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से यह चुनाव बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
हाल ही में सामने आए चुनावी सर्वेक्षणों के अनुसार, कोई भी राजनीतिक खेमा अपने दम पर स्पष्ट बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीटों का जादूई आंकड़ा हासिल करता नहीं दिख रहा है। देश के लगभग 73 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इजरायल में कुल 38 राजनीतिक दल पंजीकृत हैं, लेकिन सर्वेक्षणों के मुताबिक इनमें से केवल 11 दलों के ही संसद में प्रवेश करने की संभावना है। इजरायल के चुनावी नियमों के तहत संसद में प्रतिनिधि भेजने के लिए किसी भी पार्टी को न्यूनतम 3.25 प्रतिशत मत प्राप्त करना या कम से कम 4 सीटें जीतना अनिवार्य होता है।
इजरायल के पूरे राजनीतिक इतिहास में आज तक कोई भी अकेली पार्टी अपने दम पर 61 सीटें हासिल कर बहुमत की सरकार नहीं बना सकी है। देश में राजनीतिक अस्थिरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2019 से 2022 के बीच मात्र तीन-चार वर्षों में 5 बार आम चुनाव कराने पड़े। वर्ष 1988 के बाद यह पहली बार हुआ है कि संसद ने अपना चार साल का कार्यकाल पूरा किया है। इसी वजह से चुनाव नतीजे आने के बाद गठबंधन बनाने की कवायद काफी जटिल और अहम हो जाती है, जिसमें छोटे दलों की भूमिका निर्णायक साबित होती है।
इजरायल की 120 सीटों वाली मौजूदा संसद में चुनाव में उतरने से ठीक पहले बेंजामिन नेतन्याहू के सत्ताधारी गठबंधन के पास कुल 60 सीटें थीं, जो कि बहुमत के आंकड़े से ठीक 1 सीट कम थीं। दूसरी ओर, विपक्षी दलों के खेमे के पास कुल 59 सीटें थीं और 1 सीट निर्दलीय सदस्य के पास थी।
लिकुड (Likud): 32 सीटें
शास (Shas): 11 सीटें
रिलिजियस जायनिज्म (Religious Zionism): 7 सीटें
ओत्जमा येहुदित (Otzma Yehudit): 6 सीटें
न्यू होप (New Hope): 4 सीटें
येश अतीद (Yesh Atid): 24 सीटें
ब्लू एंड व्हाइट (Blue and White): 8 सीटें
यूनाइटेड तोराह जूडिज्म (United Torah Judaism): 7 सीटें
इजरायल बेतेनु (Yisrael Beiteinu): 6 सीटें
हदाश-ताल (Hadash-Ta'al): 5 सीटें
राआम (Ra'am): 5 सीटें
लेबर पार्टी (Labor Party): 4 सीटें
निर्दलीय (Independent): 1 सीट
सर्वेक्षण संस्था 'जमान इजरायल' द्वारा 14-15 अक्टूबर के दौरान 500 लोगों पर किए गए सर्वे के अनुसार, किसी भी गुट को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। इस सर्वे में लगभग 4 प्रतिशत की त्रुटि सीमा (Margin of Error) रखी गई है।
बेंजामिन नेतन्याहू खेमा (अनुमानित 49 सीटें): लिकुड को 20, शास को 8, यूनाइटेड तोराह जूडिज्म को 8, ओत्जमा येहुदित को 7 और रिलिजियस जायनिज्म को 6 सीटें मिलने का अनुमान है।
विपक्षी खेमा (अनुमानित 54 सीटें): गादी आइजेनकोट की याशर पार्टी को 26, नफ्ताली बेनेट व यैर लापिद की बियाखाद पार्टी को 11, इजरायल बेतेनु को 9 और डेमोक्रेट्स को 8 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। विपक्षी गठबंधन का सबसे बड़ा समूह भी बहुमत से 7 सीटें दूर दिख रहा है।
अरब दल (अनुमानित 13 सीटें): जॉइंट लिस्ट को 8 और राआम पार्टी को 5 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
अन्य दल: बिना किसी गठबंधन वाले दल 'रिजर्विस्ट्स-इकोनॉमी लिस्ट' को लगभग 4 सीटें मिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ अन्य सर्वे इसे संसद में प्रवेश के न्यूनतम थ्रेशोल्ड से नीचे बता रहे हैं।
7 अक्टूबर के हमले की जवाबदेही:
7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए आतंकी हमले में लगभग 1,200 लोगों की जान गई थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद गाजा युद्ध और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ संघर्ष शुरू हुआ। हमले से पूर्व और दौरान हुई सुरक्षा चूक को लेकर नेतन्याहू सरकार लगातार तीखे सवालों का सामना कर रही है।
अति-रूढ़िवादी यहूदियों (Haredim) की सैन्य छूट:
अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय को अनिवार्य सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट को समाप्त करने या बनाए रखने का मुद्दा देश में गहरा सामाजिक व राजनीतिक विवाद बना हुआ है।
महंगाई और जीवनयापन का खर्च:
युद्ध के कारण इजरायल की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है, जिससे बढ़ती महंगाई और आम जीवन के खर्चों में भारी बढ़ोतरी जनता के लिए बड़ा मुद्दा है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर इजरायल की छवि:
गाजा और क्षेत्रीय संघर्षों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की साख और कूटनीतिक संबंधों पर पड़े प्रभाव से भी मतदाता चिंतित हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा की गारंटी:
देश की सीमाओं और नागरिकों की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना इस चुनाव का केंद्रीय आधार बना हुआ है।
इजरायल में 27 अक्टूबर को 120 सीटों वाली संसद (नेसेट) के लिए मतदान होने जा रहा है। जानिए मौजूदा सत्ता-विपक्ष के आंकड़े, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट की चुनौती, ओपिनियन पोल के अनुमान और चुनाव के मुख्य मुद्दे।
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