मैहर सिविल अस्पताल में कलेक्टर निरीक्षण के बाद सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ। मशीनों से सफाई अभियान चला, लेकिन मरीजों को निजी अस्पताल भेजने की कथित दलाली का मामला अब भी चर्चा में है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सिविल हॉस्पिटल मैहर में अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी की सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। हाल ही में कलेक्टर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई गई थी, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और तत्काल सुधार कार्य शुरू कराए गए। निरीक्षण के बाद ठेकेदार को निर्देशित कर अस्पताल परिसर में सघन सफाई अभियान चलाया गया। गंदगी और अव्यवस्थाओं को दूर करते हुए परिसर को व्यवस्थित किया गया। हालांकि, अस्पताल परिसर में एक और गंभीर समस्या सामने आ रही है। मरीजों को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पतालों में ले जाने की कथित दलाली का मामला लगातार चर्चा में है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग अस्पताल परिसर में सक्रिय रहकर मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में भेजने का काम कर रहे हैं।
मशीनों से हुई क्लीनिंग
बाथरूमों, वार्डों और लॉबी की गहन सफाई प्रेशर पंप मशीनों के जरिए की गई, जिससे जमी गंदगी को प्रभावी ढंग से हटाया जा सका। लंबे समय से जमा मैल और बदबू को खत्म करने के लिए सैनिटाइजर और केमिकल का भी उपयोग किया गया। परिसर में फैली सूखी पत्तियों, कचरे और गंदगी को समेटकर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया। करीब आधा दर्जन सफाईकर्मी सुबह से शाम तक लगातार सफाई कार्य में जुटे रहे। उन्होंने अस्पताल के अंदर और बाहर दोनों हिस्सों को व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। सफाई के बाद अस्पताल परिसर पहले की तुलना में ज्यादा साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आया।


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