विधानसभा की कृषि विकास समिति की समीक्षा बैठक में मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि उद्यानिकी विभाग ने पौधारोपण का एक भी काम नहीं किया, जबकि 25 हजार पौधों के वितरण का दावा किया गया। समिति ने कलेक्टर को जांच टीम बनाकर एक-एक पौधे का सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड के आंकड़ों में भी गड़बड़ी सामने आई।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना-मैहर के दौरे पर आई विधानसभा की कृषि विकास समिति के सामने पौधरोपण, खाद वितरण एवं कृषि उत्पादन के मामले में आंकड़ों की बाजीगरी की गई जो समीक्षा बैठक के दौरान ही पकड़ में आ जाने पर समिति के सभापति ने नाराजगी जाहिर की साथ ही उन्होंने समिति को गलत जानकारी दिए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। समिति ने मैहर में पौधरोपण में गड़बड़ी की स्थानीय विधायक और समिति के सदस्य श्रीकांत चतुर्वेदी की शिकायत पर कलेक्टर को तीन सदस्यीय समिति बनाने और एक-एक पौधे का सत्यापन कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। दरअसल चित्रकूट के विश्वविद्यालय सभागार में विधानसभा की कृषि विकास समिति द्वारा की गई।
विधायक का आरोप, नहीं लगा एक पौधा, मांगा अपने 20 लाख का हिसाब
पौधरोपण की जानकारी में जैसे ही सहायक संचालक उद्यान अनिल सिंह ने बताया कि मैहर और सतना जिले के उद्यानिकी किसानों को 25 हजार फलदार पौधा मुफ्त में देकर पौध रोपण कार्य किया गया है, वैसे ही समिति के सदस्य और मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी भड़क उठे, उन्होंने आरोप लगाया कि सरासर झूठी जानकारी दी जा रही है। मैहर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा एक भी पौधा नही लगवाया गया। मैने खुद तीन बार इन्हे फोन कर मैहर आने और पौधारोपण की बात कही,लेकिन इन्होंने कोई रिस्पॉन्स नही दिया,मैंने अपनी विधायक निधि से इन्हे उद्यानिकी नर्सरी विकसित करने 20 लाख रुपए दिए है। विधायक ने कहा कि आज तक उसमें से एक पौधा नही लगवाया गया पता नहीं कहा गया मेरा 20 लाख।
झूठी जानकारी, सभापति ने गंभीरता से लिया
विधायक के इस गंभीर अरोप पर विधानसभा की कृषि विकास समिति के सभापति दिलीप सिंह परिहार ने नाराजगी जताई और कहा कि विधान सभा की उच्च स्तरीय समिति को झूठी और गलत जानकारी देना बहुत ही गलत है,इस कृत्य पर संबंधित को दंडित किया जायेगा । उन्होंने कलेक्टर से कहा तीन अधिकारियो की समिति बनाकर उद्यानिकी विभाग द्वारा मैहर जिले में लगाए गए एक -एक पौधे का सत्यापन कराकर समिति को रिपोर्ट करिए। गलत जानकारी पाए जाने पर अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। हालांकि इस दौरान कलेक्टर ने मामला संभालते हुए कहा कि विधायक निधि से मैहर में दिया गया पैसा इस समिति में चर्चा का विषय नहीं है। इसके लिए अलग से बात की जाएगी।
पिछले साल से ज्यादा आवंटन फिर भी खाद की मारामारी
खाद के पर्याप्त आवंटन और भंडारण का दावा जिले में किया जा रहा है बावजूद इसके खाद के लिए मारमारी चल रही है, किसान एक - एक बोरी खाद के लिए परेशान है। विधानसभ की कृषि समिति को जिले में खाद से जुड़ी उपलब्धता, आवंटन और वितरण की दी गई जानकारी में बताया गया है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अभी 3581 मिट्रिक टन ज्यादा खाद का आवंटन हो चुका है। किसानों को खाद वितरण के बाद अब भी 4999 मिट्रिक टन खाद का भंडारण है यह बात अलग है कि विभाग इसे 5000 मिट्रिक टन आंकड़ों में बता रहा है। विधानसभ की कृषि समिति को को दी गई जानकारी में बताया गया कि किसानों को वर्ष 2024 खरीफ में 41142 मेट्रिक टन खाद की पूर्ति की गई थी । वर्ष 2025 खरीफ में भी इतनी ही आवश्यकता थी। जिसके विरुद्ध 44723 मिट्रिक टन खाद भंडारित की गई और इस खरीफ वर्ष में किसानों को 39724 मेट्रिक टन खाद वितरण कर दिया गया।अभी भी 5000मिट्रिक टन खाद उपलब्ध हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड : लक्ष्य आधा भी नहीं पूर्ण हुआ उपलब्धि 81.6 प्रतिशत बताई
किसानों को क्रेडिट कार्ड दिए जाने के मामले में भी विधानसभ की कृषि समिति को आंकड़ों की बाजीगरी दिखाने से विभाग पीछे नहीं रहा है। बताया जाता है कि जिले में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य 4800 का था इसके विरुद्ध विभाग को जिले में मात्र 2008 किसान ही मिले जिनके प्रकरण केसीसी के लिए बैंको को भेज पाए, जिनमे बैंको ने 1157 प्रकरण ही स्वीकृत किए,लेकिन समिति को लक्ष्य4800 के विरुद्ध 1157 की उपलब्धि को 81.6 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करना बता दिया गया।


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